जयपुर। हिसार हीरोज के स्टार रेडर आशु मलिक का मानना है कि कबड्डी चैंपियंस लीग (केसीएल) भारतीय कबड्डी की प्रतिस्पर्धी संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ खेल के मानकों को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। आशु के अनुसार यह लीग खिलाड़ियों को न केवल उच्च स्तरीय मुकाबले देती है, बल्कि मानसिक मजबूती और पेशेवर सोच भी विकसित करती है।
आशु मलिक ने कहा कि केसीएल खिलाड़ियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच है, जहां लगातार कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, फिटनेस में सुधार होता है और मैट पर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
लीग के विजन पर बात करते हुए आशु ने कहा कि कबड्डी चैंपियंस लीग का उद्देश्य स्पष्ट है—एक ऐसी प्रतियोगिता का निर्माण, जो प्रदर्शन, अनुशासन और खिलाड़ी विकास पर केंद्रित हो। केसीएल में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों को समान अवसर दिए जा रहे हैं, जो भारतीय कबड्डी के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
हिसार हीरोज के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी भूमिका पर आशु मलिक ने कहा कि टीम के लिए खेलते समय वह साथियों और प्रशंसकों की उम्मीदों को ध्यान में रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए दबाव नहीं, बल्कि प्रेरणा है और वह मैट पर उदाहरण प्रस्तुत करने, निरंतरता बनाए रखने तथा कठिन परिस्थितियों में टीम का संबल बनने का प्रयास करते हैं।
आशु मलिक का मानना है कि केसीएल में हर मुकाबला बेहद तीव्र होता है, जो खिलाड़ियों को दबाव में शांत रहना, तेजी से निर्णय लेना और अपनी तैयारी पर भरोसा करना सिखाता है। ये गुण अंतरराष्ट्रीय स्तर की कबड्डी में सफलता के लिए आवश्यक हैं।
युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए आशु ने कहा कि मेहनत और अनुशासन से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कबड्डी चैंपियंस लीग जैसी प्रतियोगिताएं यह साबित करती हैं कि इस खेल का भविष्य उज्ज्वल है और जो खिलाड़ी निरंतर तैयारी में रहते हैं, वही अवसरों का सही लाभ उठा पाते हैं।




















