नौकरी दिलाने के बहाने लूट की वारदात करने वाली गैंग का मुख्य सरगना अपने पांच साथियों सहित गिरफ्तार

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The main ringleader of the robbery gang has been arrested along with his five accomplices.
The main ringleader of the robbery gang has been arrested along with his five accomplices.

जयपुर। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के बहाने युवक को बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सरगना उदय मेहरा सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में जुलूस निकालकर पेश किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की पूरी राशि एक लाख रुपए और पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के बहाने युवक को बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सरगना उदय मेहरा (21) निवासी करधनी, आनन्द नागर (19) निवासी ब्रह्मपुरी, वंश भटनागर (20) निवासी ब्रह्मपुरी, समीर सक्सेना उर्फ चिनु सक्सेना (21) निवासी ब्रह्मपुरी और करण सिंह सोलंकी (25) निवासी ब्रह्मपुरी,तनिष्क सैन(20)निवासी ब्रह्मपुरी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का मुख्य सरगना उदय मेहरा था, जिसने पीड़ित को नौकरी का झांसा देकर जयपुर बुलाया। प्लानिंग के अनुसार जलमहल की पाल पर सुनसान इलाके जगह ले गया, जहां अन्य साथी पहले से मौजूद थे। सभी ने मिलकर मारपीट कर डराया और यूपीआई के जरिए खाते से रुपए ट्रांसफर करवा लिए और मोबाइल लूट लिया। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और अन्य आपराधिक वारदातों में उनकी संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है।

थानाधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि एक जनवरी को पीड़ित परमेश ने थाने में मामला दर्ज करवाया था कि करीब एक माह पहले उसने उदय मेहरा से जयपुर में काम दिलवाने के लिए संपर्क किया था। आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा देकर जयपुर बुला लिया। पीड़ित के अनुसार वह जयपुर आकर ठहरा हुआ था। 30 दिसंबर 2025 को शाम करीब 8 बजे उदय मेहरा उसे काम दिलवाने के बहाने जलमहल की पाल पर ले गया। वहां पहले से मौजूद उसके अन्य साथी भी आ गए।

सभी मिलकर पीड़ित को जंगल की ओर ले गए। मारपीट की और डरा-धमकाकर रुपयों की मांग की। भय के कारण पीड़ित ने पिता से अपने खाते में एक लाख रुपए डलवाए, जिसे आरोपियों ने उसके मोबाइल फोन से यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया। मोबाइल फोन भी छीन लिया।

वहीं मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों की गतिविधियों का रूट चार्ट तैयार किया और लगातार पीछा करते हुए सभी आरोपियों को डिटेन कर गिरफ्तार किया।

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