जयपुर में 21-22 मार्च को निकलेगी गणगौर माता की शाही सवारी

0
47

जयपुर। विश्व प्रसिद्ध गणगौर महोत्सव के तहत राजधानी जयपुर में 21 और 22 मार्च 2026 को गणगौर माता की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। यह सवारी सिटी पैलेस की जनाना ड्योढ़ी से शाम करीब 5:45 बजे शुरू होकर त्रिपोलिया गेट से होकर पारंपरिक मार्ग त्रिपोलिया बाजार,छोटी चौपड़,गणगौरी बाजार से आगे बढ़ते हुए ताल कटोरा पहुंचकर संपन्न होगी।

जहां माता को घेवर और फल का अर्पित करने के बाद गणगौर का विदा किया जाएगा। वहीं उसके अगले दिन 22 मार्च को सिटी पैलेस स्थित जनानी ड्योढी से बडी शान से बूढ़ी गणगौर की पारंपारिक सवारी शाही लवाजमे के साथ धूमधाम से निकलेगी। यह आयोजन पर्यटक विभाग, जिला प्रशासन , महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय सक्रहालय ट्रस्ट और नगर निगम जयपुर की ओर से आयोजित किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग के अनुसार इस बार गणगौर की शाही सवारी को और अधिक आकर्षक व भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। शोभायात्रा में पारंपरिक हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ शाही पोशाक में सजी माता गौरी की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
इस आयोजन में सैकड़ों लोक कलाकार अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे। सजी-धजी पालकियों, लवाजमे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच पूरी सवारी एक अद्भुत नजारा पेश करेगी।

इस बार भी शोभायात्रा में कई अतिरिक्त हाथी, घोड़े, सजे-धजे ऊंट और विक्टोरिया बग्गियां भी शामिल की गई। जो इसकी भव्यता को और बढ़ाएंगी। साथ ही शोभायात्रा के दौरान माता गणगौर की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की जाएगी। जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहेगा।
पर्यटन विभाग ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था भी की है, ताकि वे इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद उठा सकें।

संयुक्त शासन सचिव सामान्य प्रशासन विभाग दाताराम ने बताया कि गणगौर मेले के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से 21 मार्च (शनिवार) को जयपुर शहर स्थित राज्य सरकार के समस्त कार्यालयों,राजकीय उपक्रमों एवं शिक्षण संस्थानों के लिए आधे दिन का अवकाश घोषित किया जा चुका है। यह अवकाश दोपहर 1:30 बजे से प्रभावी रहेगा।

गौरतलब है कि गणगौर महोत्सव राजस्थान की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रमुख प्रतीक है, जिसे हर वर्ष बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस बार भी यह आयोजन जयपुर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here