जयपुर। ध्रुवपदाचार्य पद्मश्री पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग की स्मृति में 32वां अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद-निनाद विरासत समारोह मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इंटरनेशनल ध्रुवपद धाम ट्रस्ट, रसमंजरी संगीतोपासना केन्द्र जयपुर और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समारोह जवाहर कला केन्द्र (जेकेके) के कृष्णायन सभागार में होगा।
समारोह की शुरुआत 150 वर्ष पूरे कर चुके राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के विशेष ध्रुवपद प्रस्तुति से होगी। जिसे ध्रुवपद गायिका प्रो. मधु भट्ट तैलंग के निर्देशन में उनके शिष्य प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में तानसेन रचित मध्यकालीन ध्रुवपद रचना का गायन भी किया जाएगा।
समारोह में अहमदाबाद के आचार्य गोस्वामी रणछोड़ लाल मंदिर परम्परा की प्राचीन प्रबंध शैली की भक्ति रचनाएं और हवेली संगीत प्रस्तुत करेंगे, वहीं ग्वालियर के युवा ध्रुवपद गायक अनुज प्रताप सिंह डागर घराने की गायकी प्रस्तुत करेंगे। पखावज पर पं. प्रवीण आर्य, प्रतीश रावत, ऐश्वर्य आर्य, सारंगी पर उस्ताद अमरूद्दीन और हारमोनियम पर रविंद्र सिंह संगत देंगे।
समारोह में गोस्वामी रणछोड़ लाल को पं. लक्ष्मण भट्ट धरोहर सम्मान, अनुज प्रताप सिंह को विशिष्ट ध्रुवपद प्रतिभा सम्मान और ललित शर्मा अकिंचन को विशिष्ट कला लेखन अवार्ड दिया जाएगा। कार्यक्रम में ट्रस्ट की वार्षिक पत्रिका ध्रुवा वाणी 2026 के पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा।




















