जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के आह्वान पर निविक हॉस्पिटल के डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाईकोर्ट के बाहर मुख्य सड़क पर वकीलों का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि बार अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने प्रशासन के साथ वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी थी, लेकिन सड़क जाम कर बैठे आंदोलनरत वकीलों की संघर्ष समिति ने गिरफ्तारी तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।
दिन में बार एसोसिएशन ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया, परंतु आंदोलनरत वकीलों ने इसे नहीं माना। संघर्ष समिति के सदस्य अधिवक्ता अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि बार अध्यक्ष की ओर से सौंपे गए सहमति पत्र को समिति के समक्ष रखा गया। जिस पर सर्वसम्मति से तय हुआ कि डॉ. बंसल की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।
बार अध्यक्ष सोगरवाल ने कहा कि प्रशासन के साथ हुई वार्ता में छह मांगों पर सहमति बनी है। इनमें मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठन, आरजीएचएस से जुड़े कथित घोटाले की जांच, मेडिकल बोर्ड के पुनर्गठन सहित अन्य बिंदु शामिल हैं। प्रशासन ने 15 से 20 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि तय अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पर दोबारा विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि निविक अस्पताल में अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा की मां की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद डॉ. बंसल पर लापरवाही और आरजीएचएस में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए। पुलिस ने 29 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज वकीलों ने सोमवार से जाम शुरू कर दिया।
धरने के चलते भगवानदास रोड बंद कर यातायात डायवर्ट किया गया है। इससे सी-स्कीम, अशोक मार्ग और गवर्नमेंट हॉस्टल क्षेत्र में दिनभर ट्रैफिक दबाव बना रहा।


















