जयपुर। सूर्य सप्तमी के पावन अवसर पर भगवान सूर्य के दिव्य जन्मोत्सव को समर्पित लगभग 250 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक सूर्य रथ यात्रा का भव्य आयोजन जयपुर की ऐतिहासिक छोटी चौपड़ में श्रद्धा,भक्ति और सांस्कृतिक गौरव के साथ सम्पन्न हुआ।
यह रथ यात्रा जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं की सजीव प्रतीक है, जिसे सदियों से श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाया जा रहा है। इस अवसर पर भगवान सूर्य के रथ का भावपूर्ण एवं गरिमामय स्वागत सुनील बंसल,अध्यक्ष राजस्थान सोलर एसोसिएशन (आरएसए) राजू मंगोडीवाला, कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, नितिन अग्रवाल,सीईओ,राजस्थान सोलर एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ सूर्य पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सूर्य देव भारतीय संस्कृति में जीवन, ऊर्जा और अनुशासन के मूल स्रोत हैं। आज के आधुनिक युग में सूर्य स्वच्छ, अक्षय एवं सतत ऊर्जा के सबसे सशक्त आधार हैं। राजस्थान सोलर एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह आयोजन भक्ति,सेवा और सतत विकास के विचार को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का प्रेरणादायी प्रयास है।
कार्यक्रम उपरांत, राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सदस्यों ने सूर्य मंदिर में दर्शन कर भगवान सूर्य के प्रति श्रद्धा अर्पित की तथा राजस्थान में सौर ऊर्जा के अभूतपूर्व विकास,राज्य की अग्रणी सोलर क्षमता और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही भविष्य में प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में और सशक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया गया।
250 वर्षों की परंपरा से जुड़ी यह रथ यात्रा आस्था के साथ-साथ ऊर्जा चेतना और सामाजिक दायित्व का भी सशक्त संदेश देती है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु,व्यापारी वर्ग,सामाजिक संगठनों एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




















