जयपुर। सर्व आश्रम फाउंडेशन के तत्वावधान में तथा डी.डी. ग्रुप के सहयोग से हवा सडक़ नंदपुरी स्थित अग्रसेन त्रिलोकी सेवा धाम में चल रही श्री हनुमंत कथा में शनिवार को हनुमान चालीसा की विभिन्न चौपाइयों पर सारगर्भित प्रवचन हुए। व्यासपीठ से अकिंचन महाराज श्री हनुमंत कथा का रस प्रवाह किया। कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम और हनुमानजी की भक्ति, सेवा, त्याग और धर्म के आदर्शों का संदेश दिया। अकिंचन महाराज ने कहा हनुमान चालीसा की चौपाइयों में जीवन जीने की कला के सूत्र छिपे हैं।
डी.डी. ग्रुप (इंडिया) के निदेशक ओमप्रकाश शर्मा, उपनिदेशक सरिता दाधीच पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के संयोजक हरिनाम संकीर्तन परिवार के कृष्ण स्वरूप बूब, सह संयोजक अग्रसेन त्रिलोकी सेवा धाम विकास ट्रस्ट के योगगुरु रामबाबू अग्रवाल ने बताया कि तीन वर्षों तक चलने वाली अष्टोत्तरशत (108) श्री हनुमंत कथाओं की श्रृंखला के अंतर्गत यह 54वीं श्री हनुमंत कथा है। रविवार को कथा का विश्राम होगा।
सामूहिक हनुमान चालीसा की स्वर लहरियों से गूंजा चांदपोल हनुमान मंदिर
श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा पुस्तक अभियान के अंतर्गत चांदपोल हनुमान मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम से पूर्व मंदिर के पुजारी मारुतिल्लभ को श्री भन्दे बालाजी धाम का विशेष सिंदूर भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ सामूहिक रूप से रामधुनी भी की। राम नाम के संकीर्तन से संपूर्ण मंदिर परिसर आध्यात्मिक वातावरण से भर उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। कार्यक्रम के बाद अर्थ सहित हनुमान चालीसा की पुस्तकें श्रद्धालुओं को वितरित की गईं।
इस अवसर पर संत अमरनाथ महाराज ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का सरल और सहज भाषा में अर्थ समझाया। उन्होंने विशेष रूप से चौपाई जो शत बार पाठ कर कोई, छूटे बंधी महा सुख होई का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का विशेष महत्व होता है। जब श्रद्धा और विश्वास के साथ सामूहिक रूप से पाठ किया जाता है तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक बल की वृद्धि होती है।
इस अवसर पर गिरिराज, कमल, सुरेंद्र कुमावत, सरदार राजन सिंह, पंकज शर्मा, महेश बंब, महेंद्र बड़ीवाल, पिंकी मुनीम, सुनील जैन, संजय शर्मा, अनिल शर्मा, लोकेश कुमावत, मुकेश चौधरी सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।




















