जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए थर्ड ग्रेड अध्यापक परीक्षा में बैठने वाले डमी कैंडिडेट को गिरफ़्तार किया है। डमी कैंडिडेट के रूप में बैठकर परीक्षा पास कर उसने थर्ड ग्रेड अध्यापक बनवाया था। इसके आधार पर फेक तरीके से बने थर्ड ग्रेड अध्यापक की दौसा के सरकारी स्कूल में पोस्टिंग हुई थी। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी)) विशाल बंसल ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए थर्ड ग्रेड अध्यापक परीक्षा में बैठने वाले डमी कैंडिडेट पुष्पेंद्र सिंह (22) निवासी राजाखेड़ा जिला धौलपुर को गिरफ़्तार किया है। एसओजी टीम गिरफ्तार आरोपी पुष्पेंद्र से अन्य परीक्षाओं में कितनी बार डमी कैंडिडेट बनकर बैठने के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
बंसल ने बताया कि फर्जी तरीके से थर्ड ग्रेड अध्यापक बनने वाले आरोपित सचिन कुमार (22) निवासी कोलारी धौलपुर को पूर्व में गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तार आरोपित दौसा के सिकराय में राजकीय प्राथमिक स्कूल भोंदू का पुरा गांव पंचायत नाहरखोहरा में थर्ड ग्रेड टीचर के पद पर पोस्टेड था।
थर्ड ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन 25 फरवरी 2023 को किया गया था। उसका एग्जाम सेंटर अलवर के बुध विहार स्थित नेशनल टीटी कॉलेज फॉर गर्ल्स में आया था।
थर्ड ग्रेड अध्यापक परीक्षा में आरोपी सचिन कुमार ने अपनी जगह पर डमी कैंडिडेट को बैठाया। परीक्षा पासकर धोखाधड़ीपूर्वक थर्ड ग्रेड अध्यापक के पद पर चयनित हो गया। एसओजी की ओर से वर्ष 2024 में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद उसके दस्तावेज लिए गए। हस्ताक्षर के नमूने लेकर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजे गए। परीक्षण करवाने पर रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई। एसओजी टीम ने कार्रवाई कर जालसाजी से टीचर बने आरोपित सचिन कुमार को गिरफ़्तार किया था।
एसओजी की गिरफ्त में चढ़े सचिन कुमार ने पूछताछ मे उसने खुद की जगह पुष्पेंद्र सिंह को डमी कैंडिडेट के रूप में बैठना बताया। एसओजी टीम ने डमी कैंडिडेट पुष्पेंद्र सिंह की तलाश में टीमें भेजकर दबिश दिलवाई। एसओजी टीम ने मंगलवार सुबह आरोपित डमी कैंडिडेट पुष्पेंद्र सिंह को गिरफ़्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने थर्ड ग्रेड परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठकर एग्जाम पास करवाना स्वीकार किया।




















