जयपुर। राजधानी में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के गोरखधंधे का गुरुवार को खुलासा करते हुए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की पीसीपीएनडीटी टीम ने एक डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक दलाल अभी फरार है। आरोपी पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण कर मोटी रकम वसूल रहे थे।
नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि सूचना मिली थी कि जयपुर में पोर्टेबल मशीन से भ्रूण जांच कर लिंग पहचान का अवैध कारोबार चल रहा है। इस पर एडिशनल एसपी डॉ. हेमंत जाखड़ के नेतृत्व में सीआई सत्यपाल यादव की टीम ने डिकॉय ऑपरेशन किया।
टीम ने एक महिला कर्मचारी को ग्राहक बनाकर मुहाना क्षेत्र स्थित केसर चौहारा के कुबेर हेल्थ केयर भेजा, जहां डॉक्टर शेर सिंह राजावत ने जांच के नाम पर 80 हजार रुपए की मांग की। राशि तय होने के बाद महिला को दलाल के माध्यम से सांगानेर क्षेत्र स्थित दूसरे स्थान पर भेजा गया।
इसके बाद दलाल हरी कुमावत महिला को अपनी कार में बैठाकर मयूर रेजीडेंसी स्थित फ्लैट नंबर 16 पर ले गया, जहां पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण की जांच की जा रही थी। इसी दौरान टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ लिया।
कार्रवाई में हरी कुमावत (41), शिला देवी (50) और डॉ. शेर सिंह राजावत (48) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दलाल जगबीर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पीसीपीएनडीटी के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी हरी कुमावत महज 10वीं पास है, लेकिन वही मशीन चलाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करता था। गिरोह में शामिल महिला आरोपी नर्सिंग कार्य के नाम पर महिलाओं को इस अवैध जांच के लिए लाती थी।
टीम आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। वहीं, डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत डिग्री की भी जांच करवाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की भूमिका गिरोह संचालन में सामने आई है।




















