जयपुर। ब्रह्मपुरी माऊण्ट रोड़ पर स्थित नगर के अति प्राचीन दाहिनीं सूँड़ दक्षिणमुखी श्री नहर के गणेशजी महाराज के मंदिर में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष “त्रिदिवसीय श्री गणेश जन्मोत्सव को लेकर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाएगा ।
मंदिर युवाचार्य पंडित मानव शर्मा ने बताया कि यह त्रिदिवसीय गणेशजन्मोत्सव मंदिर महंत पंडित जय शर्मा के सान्निध्य में सम्पन्न होगा । उत्सव से पूर्व के व उत्सव के अनुष्ठान निम्नानुसार सम्पन्न होंगे मंगलवार की सायँ 5 बजे से गुरूवार तक त्रिदिवसीय जन्मोत्सव मनाया रहा है। जिसमें मंगलवार की सायँ 5 बजे सिंजारा महोत्सव में गणपति के नवीन श्रृंगार के दर्शन भक्तजनों ने किये तथा इस अवसर पर गणपति को विशेषरूप से बनाई गई लहरिया पौषाक व साफा धारण करवाकर “असंख्य मोदक ” झाँकी सजायी गयी।
जिसमें बड़े – छोटे सभी प्रकार के मोदकों को प्रभु को अर्पित किए गये। इसके तत्पश्चात गणपति को मेंहदी अर्पित कर पूजन व आरती गई एवं सायँ 5.30 से श्री प्रेम भाया सत्संग मण्डल जयपुर के विजय किशोर शर्मा एवं दिपक शर्मा द्वारा भजनों की सरस प्रस्तुति से देर रात्रि तक सिंजारा मनाया गया। इस पावन अवसर पर आने वाले भक्तजनों को सौभाग्यवर्धक मेंहदी एवं सुख – समृद्धिदायक नवीन चौले की सिन्दूर का वितरण की गई ।
वहीं बुधवार को श्री गणेश चतुर्थी का मुख्य पर्व प्रातः मंगला आरती 5 बजे से प्रारंभ होगा। जिसमें महंत परिवार द्वारा प्रातः गणपति की पूजा अर्चना करके विशेषरूप से बनाई गई ” राजशाही – पौषाक ” धारण करवाई जाएगी। इसके तत्पश्चात प्रातः सवा 7 बजे नियमित आरती होगी एवं प्रातः 9 बजे वैदिक मंत्रों के द्वारा दूर्वा समर्पण किए जाएँगे तथा दोपहर 11.30 बजे से गणपति के जन्मोत्सव का अभिषेक व पूजन तथा आरती महंत परिवार द्वारा की जाएगी।
तत्पश्चात मोदक भोग के साथ 56 भोग प्रभु को अर्पित किए जाएँगे, सायंकालीन आरती सायँ 7 बजे होगी तथा शयन आरती देर रात्रि 12 बजे होगी । साथ ही गुरूवार को मंदिर परिवार द्वारा परंपरागत रूप से ऋषि पंचमी के पावन पर्व पर सप्तऋषियों का पूजन शुभ मुहूर्त में किया जाएगा तथा ब्राह्मणों का सम्मान किया जाएगा तथा प्रातः 7.15 बजे नियमित आरती के साथ ही दर्शनार्थी दर्शन कर सकेंगे, सायँ आरती के पश्चात भजन संध्या का कार्यक्रम होगा एवं रात्रि शयन आरती 12 बजे होगी ।