जयपुर। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सोमवार, 15 दिसंबर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। शास्त्रों में वर्णित है कि यह एकादशी अपने नाम के अनुरूप जीवन के सभी कार्यों को सफल बनाने वाली होती है, इसी कारण इसे सफला एकादशी कहा जाता है। एकादशी तिथि सोमवार रात्रि 9:22 बजे तक रहेगी।
पंडित श्री कृष्ण चंद्र शर्मा ने बताया कि इस दिन शोभन योग एवं चित्रा नक्षत्र का विशेष शुभ संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ और व्रत के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
उन्होंने बताया कि सफला एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु एवं भगवान शिव की पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रातः 7:03 बजे से 8:22 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात दूसरा शुभ समय सुबह 9:41 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा।
मान्यता है कि विधि-विधान से सफला एकादशी का व्रत एवं पूजन करने वाले भक्तों को जीवन में सफलता, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा दीप, धूप, नारियल, फल, सुपारी, अनार, आंवला, लौंग आदि से करते हैं। पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान को भोग अर्पित कर आरती की जाती है तथा प्रसाद का वितरण किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को सांसारिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार की सफलता प्राप्त होती है।




















