जयपुर। गोविन्द देवजी मंदिर में पवित्र मार्गशीर्ष माह के शुभारंभ के साथ शीत ऋतु में ठाकुर श्रीजी को ऊष्मा प्रदान करने के लिए सात नवंबर से पारंपरिक शीतकालीन सेवा व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी। श्रीमन्माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सानिध्य में ठाकुरजी को पारंपरिक चांदी की गुमटी के बड़े सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा।
श्रीजी के सम्मुख मोटी पिछवाई पर्दे लगाए जाएंगे। मंगला झांकी में ठाकुर श्रीजी को हल्की रुई की रजाई ओढ़ाई जाएगी। मंगला झांकी के बाद श्रीजी का हल्के गुनगुने जल से अभिषेक स्नान कराया जाएगा। मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि प्रतिदिन प्रात: ठाकुर श्रीजी को सर्दी जामा पोशाक, शॉल एवं साफा धारण कराया जाएगा।
इत्र सेवा में अब केसर एवं कस्तूरी के इत्र उपयोग किए जाएंगे। ठाकुर श्रीजी को ऊष्मा प्रदान करने के लिए अंगीठी एवं हीटर सेवा भी प्रारंभ होगी। मार्गशीर्ष माह से मंगला झांकी का समय प्रात: 5 से 5:15 बजे तक रहेगा। अन्य सभी झांकियों का समय पूर्ववत रहेगा।




















