सांवरिया सरकार खेलो होली…गोविंददेव जी मंदिर में दो दिवसीय पुष्प फाग संपन्न

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Two-day Pushpa Phaag concludes at Govinddev Ji Temple
Two-day Pushpa Phaag concludes at Govinddev Ji Temple

जयपुर। आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में दो दिवसीय पुष्प फागोत्सव का जादू शनिवार को छोटीकाशी के श्रद्धालुओं के सिर चढ़ कर बोला। राजस्थानी भाषा के फाल्गुनी भजनों पर कलाकारों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को पूरी तरह होली के रंग में रंग दिया। सैकड़ों कलाकारों ने गायन और वादन से ठाकुरजी को रिझाया।

मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी, प्रवक्ता मानस गोस्वामी, श्रीकांत शर्मा, कार्यक्रम संयोजक बालकृष्ण बालासरिया, हरि प्रसाद भूत ने गोविंद देवजी के चित्रपट, दुपट्टा, पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। श्रद्धालुओं से अटे सत्संग भवन में फूलों और इत्र की खुशबू से महकते और श्रद्धालुओं से खचाखच भरे सत्संग भवन में श्रीकांत शर्मा ने उड़ती कुरजलिया संदेशो म्हारो लेती जाइ ज्ये रे…, गोविंद म्हाने प्यारो लागे जी…., सांवरिया सरकार खेलो होली…., घूंघट म्हारो हटाय कान्हो मले छै गुलाल…, होली खेलो श्याम पिया संग जिंदगी को आनंद आ ज्यासी…, होली आई रे सांवरिया अब तो बाहर आ…, म्हारे काना मं झुमका पहना दे नंदलाल…और खेलों खेलो होली नटवर नागरिया … झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से होली खेलेंगा आपा राधे गोपाल स…. नैना नीचा करले श्याम से जैसे भजनों की कर्णप्रिय प्रस्तुतियां दीं।

राधा और सखियों ने ठाकुरजी के साथ होली में भजन पर नृत्य कर उपस्थित लोगों को अपने संग नचाया। राधा-कृष्ण और सखियों के स्वरूप में भाव प्रवण नृत्य ने एक बार फिर दर्शकों के मन पर प्रभाव छेड़ा। राधा-कृष्ण के रूठने-मनाने, हंसी-ठिठोली और हास-परिहास के भावों को कलाकारों ने अपने चेहरे के मनोभावों से जीवंत कर दिया।

भगवान कृष्ण की होली खेलने की मनोहारी लीलाओं का सुंदर मंचन करते भजनों पर नृत्य कर तालियां बटोरी। वहीं, विराट कृष्णा और अन्य कलाकारों ने महारास, फूलों की होली और मयूर नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। कलाकारों ने चंग और डप की आकर्षक प्रस्तुतियां दी। होली महोत्सव के मौके पर गोविंद धाम में शनिवार को श्रीकृष्ण को लड्डू खिलाते हुए यशोदा मैया की रचना झांकी सजाई गई। गोविंद धाम में कोलकाता के श्रीकांत शर्मा पिछले 25 साल से पुष्प फाग महोत्सव का आयोजन करते आ रहे हैं।

  • इस मौके पर आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर शनिवार को पूरी तरह होली के रंग में रंगा नजर आया। सभी श्रोता कार्यक्रम के आरंभ से समापन तक नाचते ही रहे। कोलकाता के कलाकारों ने तीन घंटे तक मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति की डोर से बांधे रखा।

राधा-कृष्ण और सखियों के स्वरूप में भजनों के बोल के अनुरूप कायिक और आंगिक अभिनय से मन जीत लिया। भजनों की स्वर लहरियों पर इन्होंने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी। कृष्ण और राधा के स्वरूप पर बार-बार पुष्प वर्षा होती रही। एक दर्जन से अधिक युवतियों ने विभिन्न भजनों पर भाव प्रवण कर नृत्य किया। विराट कृष्ण और अन्य आठ कलाकारों ने फाग का रास और मयूर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।

कथा वाचक कोलकाता के श्रीकांत शर्मा के अनुसार गोविंद देवजी मंदिर में इस बार 25 साल इस आयोजन को हो गए। पुष्प फाग उत्सव की शुरुआत एक रोचक घटना चक्र से हुई। देश-दुनिया में भागवत कथा कर रहे श्रीकांत शर्मा की 2001 में गोविंद देवजी को भागवत कथा सुनाने की इच्छा हुई। बालकृष्ण बालासरिया ने इसके लिए गोविंद देवजी मंदिर के पीछे स्थित जय निवास उद्यान को बुक करवा दिया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने कहा कि कथा मंदिर परिसर में हो तो ज्यादा अच्छा रहता।

इसके बाद वर्तमान सत्संग भवन की खाली पड़ी जगह पर डोम बनाकर कथा शुरू की गई। कथा का समापन होली से एक सप्ताह पूर्व हुआ था। तब श्रीकांत शर्मा ने फूलों की होली का एक छोटा सा कार्यक्रम किया जो सभी को बेहद पसंद आया। जयपुर में फूलों की होली का वह पहला कार्यक्रम था।

गोविंद देवजी मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने श्रीकांत शर्मा से आग्रह किया है कि फूलों की होली का यह कार्यक्रम हर साल गोविंद देवजी मंदिर में हो। श्रीकांत शर्मा ने उनका निवेदन स्वीकार करते कहा कि फूलों की होली तब तक होगी जब आप ना नहीं कहेंगे। अब श्रीकांत शर्मा देश-दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो वे हर साल फाल्गुनी शुक्ल की एकादशी और द्वादशी जयपुर आते हैं और यह कार्यक्रम करते हैं।

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