डमी परीक्षार्थी बिठाकर वरिष्ठ अध्यापक बनने वाले दो जालसाज गिरफ्तार

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जयपुर । राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जहां एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) भर्ती परीक्षा 2022 में डमी परीक्षार्थी बिठाकर फर्जी तरीके से चयनित होने वाले दो मुख्य आरोपियों दिनेश कुमार और दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि यह दोनों आरोपित पिछले दो वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा दे रहे थे। इनके खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था और एसओजी ने इन पर पांच—पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

डमी कैंडिडेट के जरिए पास की परीक्षा

मामला वर्ष 2022 की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 29 जनवरी 2023 को सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षाओं में खुद बैठने के बजाय डमी परीक्षार्थियों को बिठाया था। इस पर ये दोनों वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान विषय) के पद पर चयनित भी हो गए थे। लेकिन जांच की आंच पहुंचते ही फरार हो गए।

जयपुर और पुणे से हुई गिरफ्तारी

पुलिस उपमहानिरीक्षक परिस देशमुख के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जाल बिछाकर दोनों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। आरोपी दिनेश कुमार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया, जबकि आरोपी दिनेश कुमार को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।
इस सफल ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक राजबीर सिंह, कांस्टेबल महेश कुमार, माधोसिंह और गंगासहाय की अहम भूमिका रही।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। अब पुलिस का मुख्य फोकस उन डमी परीक्षार्थियों तक पहुँचना है जो इन आरोपियों की जगह परीक्षा में बैठे थे। साथ ही इस धोखाधड़ी में हुए बड़े वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों के नेटवर्क को खंगालने की प्रक्रिया जारी है।

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