जयपुर। खो-नागोरियान थाना पुलिस ने नकबजनी की वारदात करने वाले दो शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने रात के समय सूने मकानों में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल बरामद करने के साथ ही उसे गिरवी रखकर लोन लेने से जुड़े अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व संजीव नैन ने बताया कि खो-नागोरियान थाना पुलिस ने नकबजनी की वारदात करने वाले विमलेश मीणा (25) निवासी नादौती जिला करौली और राजेश मीणा (41) निवासी सूरोठ जिला करौली को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने के कुंडल और मंगलसूत्र बरामद किए गए। साथ ही यह भी सामने आया कि आरोपियों ने चोरी का माल जयपुर की एक गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर लोन लिया था। जिसकी रसीदें भी पुलिस ने जब्त की हैं।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिन में पैदल घूमकर सूने मकानों की रेकी करते थे और रात के समय नकबजनी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी नशे के भी आदी बताए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों से अन्य चोरी और नकबजनी की वारदातों को लेकर भी पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी ओमप्रकाश मातवा ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को परिवादिया सुनीता मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 दिसंबर को वह काम पर गई थी और शाम को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर सोने के कुंडल, मंगलसूत्र, चांदी की माला, अंगूठी सहित अन्य आभूषण गायब मिले। मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व के सुपरविजन और एसीपी मालवीय नगर के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों के आने-जाने के रूट चार्ट तैयार किए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को डिटेन कर पूछताछ की। जिसमें उन्होंने नकबजनी की वारदात स्वीकार कर ली।




















