जयपुर। बनीपार्क थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 53 साल पुराने एक आपराधिक प्रकरण में पिछले 30 वर्षों से फरार चल रहे दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले के रहने वाले हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि जिले में लंबे समय से लंबित स्थाई वारंटों के निस्तारण के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त (सदर) धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बनीपार्क थानाधिकारी मनोज बेरवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी मेहनत के बाद फरार चल रहे आरोपितों को ट्रैक करते हुए छोटेलाल (72) और रामगोपाल (72) को गिरफ्तार किया गया है और दोनों ही आरोपित नया गांव जिला भिण्ड (मध्य प्रदेश) के रहने वाले है।
बनीपार्क थानाधिकारी मनोज बेरवाल ने बताया कि वारदात 25 अगस्त 1973 की है। बनीपार्क स्थित जयपुर स्पिनिंग मिल के लेबर यूनियन संघ (सीटू) के कार्यकर्ता मजदूर यूनियन चुनाव में विजयी उम्मीदवारों का स्वागत कर रहे थे। उसी दौरान विपक्षी मजदूर यूनियन के 35 नामजद और अन्य व्यक्ति लाठियां व बरसे लेकर आए और पथराव कर मजदूरों के साथ जमकर मारपीट की।
इस संबंध में यूनियन के महासचिव महावीर सिंह हाडा ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तब जांच के बाद 30 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। विचारण के दौरान न्यायालय द्वारा बार-बार सम्मन और वारंट जारी होने के बावजूद ये दोनों आरोपी पिछले 30 सालों से पेश नहीं हुए थे। जिस पर इन्हें स्थाई वारंटी घोषित कर दिया गया था। अब 53 साल बाद पुलिस ने इन्हें सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफलता पाई है।




















