जयपुर। मुहाना थाना पुलिस ने व्यापारी पर जानलेवा हमला कर लूटपाट करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात के काम ली जाने वाली पावर बाईक जब्त की है , वहीं पुलिस आरोपियों से लूटी गई चैन बरामदगी का प्रयास कर रहीं है। पुलिस ने संभावना जताई है कि आरोपियों से अन्य लूट की वारदात का खुलासा हो सकता है। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि 24 अक्टूबर को आरोपी सौरभ (32) पुत्र रामप्रकाश शर्मा हाथरस उत्तर प्रदेश हाल नारायण विहार निवासी व विष्णु (33) पुत्र सुभाष कुमावत ,बसंत विहार, कुमावतों की ढाणी मुहाना मोड निवासी ने परिवादी अखिलेश शर्मा सावित्री विहार निवासी के साथ सिर पर लठ मार कर उसके गले में पहनी हुई दो तोला सोने की चैन लूट थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज होने के बाद अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दक्षिण ललित शर्मा विशेष टीम का गठन किया गया । टीम में शामिल थानाधिकारी गुरभूपेंद्र सिह एएसआई प्रेम चंद रामचंद्र,हैड कॉन्स्टेबल अभय सिंह ,तकनिकी शाखा के लोकेश कुमार, ओमप्रकाश डोबर ,कॉन्स्टेबल राजेश व अजय कॉन्स्टेबल श्याम नगर थाना ने कथक प्रयास और सैकड़ो सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर दोनो आरोपियों को पल्सर बाइक समेंत दबोच लिया।
दास्ताने- ऐ- वारदात
थानाधिकारी गुर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिवादी अखिलेश शर्मा प्रतिदिन वंदे मातरम सर्किल पर शराब की दुकान पर शराब लेने जाता है। 24 अक्टूबर को जैसे ही पीड़ित शराब की दुकान पर पहुंचा तो वहीं पर मौजूद सौरभ और विष्णु की उसके गले में पहनी सोने की चैन देखकर नीयत खराब हो गई।
दोनो आरोपियों ने अखिलेश की ब्रेजा कार का पल्सर बाइक से पीछा करना शुरु कर दिया। अखिलेश ने शिवशक्ति मैरिज गार्डन पर कार रोकी और पेशाब करने लग गया। इसी दौरान पीछा कर रहे दोनो बदमाशों ने लठ से पीड़ित के सिर और हाथ पर वार कर उसे गंभीर घायल कर दिया और गले में पहनी सोने की चैन छीनकर फरार हो गए।
पांच -पांच घंटे तक देखे फुटेज
बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद विशेष टीम में शामिल एएसआई प्रेम चंद रामचंद्र,हैड कॉन्स्टेबल अभय सिंह ,तकनीकी शाखा के लोकेश कुमार, ओमप्रकाश डोबर ,कॉन्स्टेबल राजेश व अजय कॉन्स्टेबल श्याम नगर थाने के जवानों ने मिलकर अलग-अलग जगहों पर लगे करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस वारदात का खुलासा करने के लिए टीम ने पांच -पांच घंटे बैठकर फुटेज देखते हुए वारदात का खुलासा किया।




















