लाखों रुपयों के गहने चोरी करने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार

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Two vicious criminals who stole jewelry worth lakhs of rupees were arrested
Two vicious criminals who stole jewelry worth lakhs of rupees were arrested

जयपुर। करधनी थाना पुलिस ने लाखों रुपयों के गहने चोरी करने के आरोप में दो शातिर नकबजनों को हथियार सहित दबोचा है। पुलिस दोनो गिरफ्तार आरोपियों से अन्य वारदात के बारे में पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस ने दोनो बदमाशों के कब्जे से दो लोडेड पिस्टल,दस कारतूस सहित चोरी की वारदात के काम में लिए जाने वाले ऑटो रिक्शा को जब्त कर लिया है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) हनुमान प्रसाद ने बताया कि करधनी थाना पुलिस ने लाखों रुपयों के गहने चोरी करने वाले राजेश श्रीवास्तव उर्फ गुड्डू (28) आरा बिहार,मुफ्तसील निवासी हाल करणी पथ कॉलोनी हरमाड़ा और इलाहाबाद उत्तर प्रदेश हाल खौराबीसल निवासी रणजीत सिंह उर्फ विजय (28) को गिरफ्तार किया है।

जिन्होंने 13 अगस्त के सूने मकान की रैकी कर वहां से 22 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के आभुषण चोरी किए थे। परिवादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ऑटो रिक्शा के नंबर के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस दबिश के दौरान दोनो आरोपियों के कब्जे से दो लोडेड पिस्टल और 10 कारतूस बरामद हुए। वहीं पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों से वारदात के काम में लिए जाने वाले ऑटो रिक्शा को भी जब्त कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी राजेश श्रीवास्तव विश्वकर्मा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और इसके खिलाफ पूर्व में 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज है। वहीं रणजीत सिंह के खिलाफ 7 आपराधिक मामले विचाराधीन है।

गोली मार कर हत्या करने के आरोप में पांच साल काट चुका है जेल

पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेश उर्फ गुड्डू वर्ष -2013 में आपसी रंजित लेकर हत्या के मामले में पांच साल की जेल काट चुका है। आरोपी राजेश ने अपने साथी इंद्रजीत यादव के साथ मिलकर संदीप यादव की विश्वकर्मा इलाके में गोली मार कर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में विश्वकर्मा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसके पश्चात राजेश वर्ष -2018 तक जयपुर जेल में रहा।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दोनो आरोपी दिन में ऑटो रिक्शा लेकर गलियों में चक्कर लगाते और सूने मकान की रेकी करते। जिसके बाद रात में ऑटोरिक्शा लेकर वारदात स्थल पर जाते और ऑटोरिक्शा को दूर खड़ा कर देते और पहचान छुपाने के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

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