जयपुर। विप्र महासंघ सेवा समिति, राजस्थान के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन विनिता सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन देकर कर यूजीसी के हालिया नियमों सहित कुछ संवैधानिक प्रावधानों पर पुनर्विचार एवं आवश्यक संशोधन की मांग की।
प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अम्बिका दत्त कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री केशव प्रसाद शर्मा , प्रदेश महामंत्री बाबूलाल शर्मा शामिल थे। प्रदेशाध्यक्ष मेधासिंधु शर्मा ने बताया कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी के कुछ नियमों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष व्याप्त है। इन नियमों से सामान्य वर्ग के युवाओं में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है, अत: इन पर पुनर्विचार आवश्यक है।
ज्ञापन में जातिगत आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। संगठन का कहना है कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था से प्रतिभाओं को समान अवसर नहीं मिल पा रहा है, जिससे देश के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आरक्षण को आर्थिक आधार से जोड़े जाने की मांग भी की गई है।
इसके साथ ही ज्ञापन में धर्मनिरपेक्षता की वर्तमान व्याख्या, संविधान में अल्पसंख्यक शब्द की उपयोगिता तथा मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की गई हैं। संगठन ने मंदिरों की आय को मंदिरों के विकास एवं सामाजिक कार्यों में सीधे उपयोग किए जाने की आवश्यकता बताई है




















