जयपुर। विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय परिषद् अधिवेशन 15 मार्च को तीर्थराज पुष्कर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से प्रतिनिधि भाग लेंगे। संस्था के संगठन महामंत्री डॉ. सीए सुनील शर्मा ने बताया कि यह महत्वपूर्ण अधिवेशन रविवार को सुबह 11 बजे पारीक आश्रम, पुष्कर में आयोजित होगा। वहीं, उसी दिन शाम 4 बजे शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ परिसर में संकल्प सभा का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संगठन के तेजी से विस्तार और बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए इस अधिवेशन में सिस्टम आधारित संचालन, संगठनात्मक अनुशासन तथा सुदृढ़ संरचना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। साथ ही सदस्यता अभियान, दायित्वयुक्त नियुक्तियों की प्रक्रिया, एक परिवार से एक ही पद का सिद्धांत तथा युवा प्रकोष्ठ की आयु सीमा जैसे विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमेश्वर शर्मा ने बताया कि श्री परशुराम ज्ञानपीठ (जयपुर) और परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) में स्थापित की जा रही 54 फीट ऊंची पंचधातु की स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ सहित प्रमुख प्रकल्पों की पूर्णता की समयसीमा तथा मूर्ति के उद्घाटन कार्यक्रम के स्वरूप पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ‘गुरुजी’ ने कहा कि अधिवेशन में ब्राह्मण सभ्यता और परंपरा के वैशिष्ट्य पर गंभीर शोध कर उन्हें विभिन्न माध्यमों से व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रचार-प्रसार के लिए नए प्रकल्पों पर भी मंथन किया जाएगा।
महामंत्री पवन पारीक के अनुसार यह अधिवेशन संगठन के भावी विस्तार, अनुशासन और दीर्घकालिक दिशा तय करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिवेशन के द्वितीय सत्र में यज्ञस्थल पर संकल्प सभा आयोजित होगी, जिसमें सभी प्रतिनिधि सामूहिक रूप से 108 गायत्री मंत्रों का जाप करेंगे। इस अवसर पर स्वामी प्रखरजी महाराज का विशेष संबोधन भी होगा।




















