क्या है जो बिटकॉइन की कीमत को बढ़ा रहा है?

पिछले सप्ताह के दौरान, बिटकॉइन में 20% की बढ़ोतरी हुई है, इसी तरह से पिछले महीने में 60% की बढ़ोतरी हुई और पिछले साल की तुलना में 200% की ज़ोरदार बढ़ोतरी दिखायी दी। इस लेख को लिखे जाने तक बिटकॉइन अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को पार कर गया है, फिर 20% टूट कर नीचे भी आ गया और फिलहाल $66,000 के स्तर पर वापस आ गया है।

वजीरएक्स के उपाध्यक्ष राजगोपाल मेनन ने बताया कि अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ की मंजूरी इस बढ़ोतरी के पीछे का कारण है। ये उपकरण निवेशकों को क्रिप्टो के स्वामित्व की जटिलताओं के बगैर सीधे बिटकॉइन में खरीदारी करने की सुविधा देते हैं, इसमें हर एक ईटीएफ शेयर के पीछे वास्तविक बिटकॉइन होता है। यह मेकेनिज़्म बिटकॉइन की आपूर्ति और मांग पर सीधे तौर पर असर डालता है। इससे कीमतें ऊपर की ओर चढ़ती हैं, क्योंकि हर एक शेयर खरीद के लिए बाजार में वास्तविक बिटकॉइन खरीदी जाती है।

बाजार की गति को समझें: निवेशकों के प्रकार

बिटकॉइन ईटीएफ औसत 10,000 बिटकॉइन की खरीद रोज कर रहे हैं, यह रोज माइन होने वाली 900 बिटकॉइन से काफी अधिक है। इस कारण से आपूर्ति मांग की तुलना में दस गुना अधिक हो जाती है। सबसे बड़ी दस बिटकॉइन ईटीएफ द्वारा प्रबंधित की जा रही कुल एसेट आसमान चूमते हुए 50 बिलियन डॉलर हो गयी है, जिसमें सबसे आगे है ब्लैकरॉक की बिटकॉइन ईटीएफ जिसके पास 10 बिलियन डॉलर की एसेट हो गयी है। इसके बाद है फिडेलिटी की ईटीएफ, जिसके पास 6 बिलियन डॉलर की एसेट है।

उछाल के पीछे है संस्थागत निवेशकों की रुचि

पारंपरिक वित्तीय संस्थानों द्वारा स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ को धीमे लेकिन निरंतरता के साथ अपनाने से बिटकॉइन में पूंजी के प्रवाह की बढ़ती हुई धारा का पता चलता है। यह प्रक्रिया धीमी है लेकिन फिर भी इससे बिटकॉइन की मांग में निरंतरता बने रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, इन संस्थानों द्वारा अपनायी जा रही ऐसी पैसिव निवेश रणनीतियां जिनमे कुछ विशेष एसेट में पूंज़ी लगायी जाती है, उनमें भी बिटकॉइन ईटीएफ शामिल होने की संभावना है। उससे इनकी मांग और बढ़ जाएगी। विश्लेषकों को उम्मीद है कि पेंशन फंड मैनेजर ईटीएफ के आकर्षण के प्रभाव में आ ही जाएंगे।

आपूर्ति का खेल

बिटकॉइन बाजार में इस समय हाल्विंग होने ही वाली है, इसमें नए बिटकॉइन जिस दर पर बनाए जाते हैं, उसमें पहले से प्रोग्राम किए अनुसार कमी की जाती है। अप्रैल में होने वाली इस कटौती से बिटकॉइन का रोज का उत्पादन 900 से घटकर केवल 450 कॉइन रह जाएगा। आपूर्ति में कमी के इस झटके के अनुमान से बाजार में आने वाली नई आपूर्ति की दर आधी हो गई है, इससे उछाल को और बढ़ावा मिल रहा है। बिटकॉइन की कीमत में उछाल लाने वाला एक खास कारण इसकी सीमित आपूर्ति है। व्यापार के लिए एक्सचेंज पर बिटकॉइन की कुल आपूर्ति का केवल एक हिस्सा ही उपलब्ध होने के कारण बाजार को आपूर्ति की साफ-साफ कमी का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्धता सीमित होना और स्पॉट ईटीएफ द्वारा बिटकॉइन को तेजी से जमा करना मिलकर इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का आधार बनाती है, यह बात आपूर्ति और मांग के बुनियादी सिद्धांतों में समायी हुई है।

क्रिप्टो वेल और बाजार प्रभाव

क्रिप्टो वेल हमेशा से अपनी बड़ी होल्डिंग के माध्यम से बाजार की कीमतों पर काफी प्रभाव डालते रहे हैं। संस्थागत धन के प्रवाह और खास तौर से स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ के माध्यम से होने वाले प्रवाह पर उनकी प्रतिक्रिया एक ध्यान देने लायक नयी बात है। इन क्रिप्टो वेल द्वारा रणनीतिक खरीदारी और बिक्री की संभावना बाजार में अस्थिरता और अप्रत्याशित बदलाव ला सकती है।

खुदरा निवेशक की भूमिका

जब क्रिप्टो के बाजार में उछाल आता है तो खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी उसमें बढ़ जाती है। यह सच है कि खुदरा निवेशकों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी मौजूदा साईकल में शामिल नहीं हुआ है, जिससे यह संभावना बनी हुई है कि उनके बाजार में आते ही आगे और बढ़ोतरी होगी।

गूगल ट्रेंड से प्राप्त डेटा के आधार पर देखें तो क्रिप्टोकरेंसी के लिए खुदरा निवेशकों के उत्साह को नापने के लिए बनाए हुए मेट्रिक्स, जैसे गूगल सर्च वॉल्यूम में 2021 और 2022 में देखे गए स्तरों की तुलना में कम गतिविधि दिखाई है।

ऑल्टकॉइन की पहेली

बिटकॉइन हाल में बाजार के उत्साह का केंद्र बिंदु रहा है, लेकिन ऑल्टकॉइन पर प्रभाव अनिश्चित बना हुआ है। स्पॉट ईटीएफ के माध्यम से बिटकॉइन में संस्थागत धन का प्रवाह शायद ऑल्टकॉइन में उतने लाभ के रूप में नहीं बदल सका। लेकिन क्रिप्टो वेल अपने निवेश को विविधता देने के लिए इसमें निवेश कर सकते हैं, और इस तरह से वे इन अन्य क्रिप्टोकरेंसी के लिए बाज़ार की दिशा तय कर सकते हैं।

अद्भुत बाजार साईकल

इस समय की क्रिप्टो बाजार साईकल अनोखी विशेषताओं के लिए जानी जाती है, इसमें अभूतपूर्व संस्थागत भागीदारी भी शामिल है और बेहतर होते नियम भी। इस कारण से बिटकॉइन हाल्विंग से पहले अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पिछली सभी बाज़ार साईकल में, सबसे ज्यादा ऊंचाई को हाल्विंग के बाद छुआ है। ये बातें इसे पिछली साईकल से अलग करते हैं और बिटकॉइन की कीमत की गतिशीलता और बाजार किन संभावित रास्तों पर चलेगा उसे समझने के लिए जरूरी हैं, इस बारे में जेरोम पॉवेल ने साल में आगे चलकर दरों में कमी आने का संकेत दिया है, जिससे बाजार में तेजी आएगी।

भविष्य क्या है? 

बाजार अनजाने रास्तों से गुजर रहा है। संस्थागत निवेशकों की रुचि, नियमों में सुधार, वैश्विक तरलता और बाजार वेल के कामों से मिल कर बिटकॉइन की कीमतों में उछाल आ रहा है। संस्थागत पूंजी का निरंतर प्रवाह, बिटकॉइन की आपूर्ति में कमी, और खुदरा निवेशकों और क्रिप्टो वेल की बढ़ती रुचि बाजार के भविष्य की रूपरेखा की एक जटिल तस्वीर पेश करती है।

जब हम भविष्य की ओर देखते हैं, तो यह साफ तौर पर नजर आता है कि क्रिप्टो बाजार उतार-चढ़ाव की स्थिति में है। इसमें अलग-अलग ताकतें अपना खेल कर रही हैं, और यह बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन की दिशा पर असर डाल सकता है। इस अस्थिर लेकिन संभावित रूप से फायदेमंद संसार में उतरने के इच्छुक लोगों के लिए नयी से नयी जानकारी के बारे में जानना और हर तरह के बदलाव के लिए तैयार रहना बहुत महत्वपूर्ण होगा।

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