जयपुर। महेश नगर थाना इलाके में दहेज की मांग से परेशान होकर एक विवाहिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। कीटनाशक खाने के बाद अचानक से विवाहिता की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे।अस्पताल में उपचार दौरान उसकी मौत हो गई ।
मेडिकल इत्तला पर अस्पताल पहुंची। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने विवाहिता के ससुराल पक्ष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पुलिस ने बताया कि थाना इलाके में स्थित रामनगर विस्तार,कटारिया कॉलोनी निवासी श्वेतरा राव (32) ने गेहूं की टंकी में रखा कीटनाशक निकाला और उसका सेवन कर लिया। जिसके बाद उसकी अचानक से तबियत बिगड़ गई। गंभीर अवस्था पर परिजन उसे सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उपचार दौरान उसकी मौत हो गई ।
बताया जा रहा है कि श्वेता की शादी जुलाई- 2024 में फतेहपुर शेखावाटी निवासी नरेश सिंह के साथ हुई थी और मृतका श्वेता के चार माह का बेटा है। पिछले 1 महीने पहले ही वह 4 महीने के बेटे के साथ पीहर आई थी। 21 दिसंबर की शाम करीब 4 बजे गेहूं की टंकी में रखे जहर को निकालकर लाई और कमरे में आकर अपने मासूम बेटे के सामने उसे खा लिया। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और जमीन पर गिर गई। कुछ देर बाद परिजनो ने उसे अचेत अवस्था में फर्श पर पड़ा हुआ देखा । जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उपचार दौरान श्वेता ने दम तोड़ दिया। मेडिकल इत्तला पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने बुधवार मृतक की मां की शिकायत पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
भाई मिलने पहुंचा तो उसके साथ भी की थी मारपीट, पुलिस की मदद से आई थी पीड़िता जयपुर
बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ससुराल वाले आए दिन दहेज के लिए प्रताडित कर रहें थे और दो लाख रुपए अपने परिजनों से मंगवाने के लिए आए दिन मारपीट कर रहे थे। 13 नवंबर को भाई गजराज को भी पीड़िता के गजराज को भी ससुराल वालों ने वीड़ियों कॉल कर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसक बाद भाई फतेहपुर शेखावाटी पहुंचा तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। परिजनों ने फतेहपुर के कोतवाली थाने में बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। पुलिस के बुलाने पर ससुराल वाले श्वेता और उसके बेटे को लेकर फतेहपुर कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस को श्वेता ने आपबीती सुनाई। घरवालों के साथ जाने की कहने पर पुलिस ने श्वेता और उसके बेटे को परिजनों के साथ जयपुर भेज दिया। श्वेता के साथ ससुराल वालों ने काफी मारपीट की थी। जिसके कारण उसके शरीर पर कई जगह चोट आई । जयपुर लाने के बाद श्वेता का इलाज करवाया जा रहा था। उस दौरान भी उसके ससुरालवाले कॉल कर श्वेता को धमकी देकर टॉर्चर कर रहे थे। आए दिन की धमकी से परेशान होकर श्वेता ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली।




















