शेखावाटी की 14 विरासत नगरी यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में: उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी

0
160

जयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं भित्तिचित्रों से सजी हवेलियों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके साथ ही इन विरासत स्थलों के भविष्य में विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की राह खुली है।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के अनुसार शेखावाटी के अलसीसर, बिसाऊ, चिड़ावा, चूरू, डूंडलोद, फतेहपुर, झुंझुनू, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, मंडावा, महांसर, नवलगढ़, रामगढ़ और सीकर की ऐतिहासिक हवेलियों को टेंटेटिव लिस्ट में स्थान मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

शेखावाटी की हवेलियां अपनी विशिष्ट भित्तिचित्र कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। इनकी दीवारों पर बने जीवंत चित्र तत्कालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जीवन की समृद्ध झलक प्रस्तुत करते हैं। हवेलियों की कला और वास्तुशिल्प शेखावाटी को राजस्थान के प्रमुख विरासत पर्यटन क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान दिलाते हैं।

टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होने के बाद अब इन हवेलियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे शेखावाटी में विरासत पर्यटन, स्थानीय रोजगार और संरक्षण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here