जयपुर । पंचांग के अनुसार माघ माह की पूर्णिमा 24 फरवरी शनिवार को है। इस बार पूर्णिमा पर बुधादित्य योग बन रहा है इस योग में कार्य करने से सुख,सौभाग्य और यश की प्राप्ति होती हैं। माघी पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में नित्य कर्म एवं स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का विधि पूर्वक पूजन करना चाहिए। त्रिवेणी संगम या नदियों में तीर्थ स्थानों पर स्नान करना चाहिए ऐसा संभव नहीं हो तो घर में भी जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि इस दिन सिंह राशि में चंद्रमा और कुंभ राशि में सूर्य,बुध,शनि की त्रिग्रही और मघा नक्षत्र की युति रहेगी जो भक्तों के लिए अति फलदायी हैं।
इसलिए इस दिन भगवान भास्कर के साथ ही विष्णु,भगवान भोलेनाथ व चंद्रमा का पूजन करने का समय सुबह 8:20 मिनट से 9:45 मिनट तक,कथा का समय 12:38 मिनट से 4:56 मिनट तक शुभ माना गया हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन देवता पृथ्वी पर भ्रमण और संगम में स्नान करने आते हैं। माघ पूर्णिमा पर भक्त घरों व मंदिरों में भगवान सत्यनारायण की कथा भी करते हैं। गौ माता को हरा चारा और गरीब असहाय,निर्धन व्यक्तियों के साथ विप्र जनों को भोजन कराने और वस्त्र देने पर अधिक पुण्य मिलता हैं। माघ पूर्णिमा पर ही होलिका रोपण यानि होली का डांडा रोपण होता हैं।




















