फर्जी डिग्री मामला: फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी लगने वाले एक दर्जन सरकारी कर्मचारी एसओजी की रडार पर

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जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट के माध्यम से सरकारी लगने वाले एक दर्जन कर्मचारियों को चिन्हित कर लिया है। इन सरकारी कर्मचारियों के विभागों को एसओजी ने नोटिस या सूचना देना शुरू कर दिया है। चिन्हित इन कर्मचारियों की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। एसओजी इस मामले में प्रदेश के साथ अन्य राज्यों में सक्रिय रैकेट के सदस्यों को लेकर जानकारी जुटा रही है।

उप महानिरीक्षक (डीआईजी) परिस देशमुख ने बताया कि फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट के माध्यम से सरकारी नौकरी लगे कर्मचारियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। गिरोह से मिली जानकारी के आधार पर उन सरकारी कर्मचारियों के विभागों को सूचना दी जा रही है। जल्द ही इन सभी सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके लिए आवश्यक सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस गिरोह के सदस्य कई विश्वविद्यालयों में फैले हुए है उनका भी गिरोह के सदस्यों से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है। फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट के माध्यम से सरकारी नौकरी लगने वाले लोगों की संख्या थ्री डिजिट में है। फिलहाल इनकी तस्दीक की जा रही है। इसके लिए पकड़े गए गैंग के सदस्यों से जानकारी और सबूत लिए जा रहे है। सुभाष पूनिया, परमजीत और प्रदीप के घर की तलाशी ली जा चुकी है। बाकी गैंग के सदस्यों के घर की भी जल्द तलाशी जाएगी। पूर्व में ली गई तलाशी में गैंग के सदस्यों के यहां से कई अहम सबूत मिले है। इनकी तस्दीक की जा रही है।

वहीं शनिवार को एसओजी ने पूर्व में गिरफ़्तार प्रदीप कुमार शर्मा निवासी पुगलसर बास सरदारशहर चूरु के घर पर ली गई तलाशी में मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। तलाशी में उसके घर पर 20 ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की मार्कशीट,ओपीजेएस की माइग्रेशन सर्टिफिकेट 25 खाली और 32 भरे हुए, प्रोविजनल सर्टिफिकेट 66 खाली और 8 भरे, ओपीजेएस विश्वविद्यालय के चरित्र प्रमाण पत्र 40 खाली और 5 भरे हुए, तीन विश्वविद्यालयों की 7 जाली मुहर,परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं 44 खाली 30 भारी हुई,चार डायरी जिसमें डिग्री के संबंध में लाखों रुपए के लेन देन का हिसाब,दो लाख तीन हजार रुपए नगद,लैपटॉप जिसने अभ्यर्थियों का डेटा और हिसाब किताब अंकित है का हार्ड डिस्क मिली थी। आरोपी प्रदीप की स्वयं की एमएससी, एमबीए, पीएचडी इन कम्प्यूटर साइंस की डिग्री के अलावा संपति के दस्तावेज जब्त किए गए।

गौरतलब है कि इस मामले में अब तक सुभाष पूनिया (52) निवासी बेरासर घुमाना, राजगढ़ (चूरू), उसके बेटे परमजीत हाल पीटीआई राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसेड़ी (धौलपुर), प्रदीप शर्मा निवासी सरदार शहर चूरू, बीकानेर सीबीईओ ऑफिस में यूडीसी मनदीप सांगवान, उच्च माध्यमिक स्कूल देशनोक (बीकानेर) में यूडीसी जगदीश और फर्जी डिग्री प्रिंट करने वाले राकेश कुमार निवासी सरदारशहर (चूरू) को गिरफ्तार किया जा चुका है। पकड़े गए सभी 6 आरोपी 16 अप्रैल तक रिमांड पर है।

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