जयपुर। हरिनाम संकीर्तन परिवार के तत्वावधान में 497 वीं श्रीमद् भागवत कथा गुरुवार को लाल कोठी स्कीम के नकुल पथ के राधा गोविंद पार्क स्थित श्री नर्वदेश्वर महादेव मंदिर में कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। कलश यात्रा अवधपुरी कॉलोनी स्थित श्री राम मंदिर से गाजे बाजे के साथ रवाना होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची। कथा स्थल पर आयोजक कमल कुमावत एवं अन्य ने भागवत कथा का पूजन कर आरती उतारी।
व्यासपीठ से अकिंचन महाराज ने प्रथम दिन श्रीमद् भागवत महात्म्य के प्रसंग में कहा कि कथा का आयोजन धन से नहीं मन से होता है। जिन पर भगवान की कृपा होती है वे ही भागवत कथा का आयोजन करवा सकते हैं। व्यक्ति के कई जन्मों का जब पुण्य उदय होता है तब कथा करवाने और सुनने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सृष्टि वर्णन, भगवान के 24 अवतार, भीष्म स्तुति, परीक्षित जन्म, श्री शुकदेव मुनि आगमन और वराह अवतार की कथा का श्रवण करवाया।
शुक्रवार को कपिल अवतार, शिव सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र की कथा होगी। हरि नाम संकीर्तन परिवार के प्रवक्ता कृष्ण स्वरूप बूब ने बताया कि कथा 25 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 11 से शाम 5 बजे तक होगी।




















