जयपुर। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में संविदा पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन का घेराव किया। कर्मचारियों ने संविदा रूल्स 2022 में नियुक्ति देने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हंगामा बढ़ाता देख पुलिस का जाब्ता भी बुलाया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजनान्तर्गत निदेशक (जन स्वा.), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, राजस्थान के आदेश क्रमांक 670 और राजस्थान उच्च न्यायलय के निर्णय उपरान्त निदेशालय के पत्र क्रमांक 701 आरएमआरएस मे नियमित पदों पर नियुक्ति तक रखा जाने के निर्देश दिए गए थे। जिसकी पालना में वर्तमान में लगभग 2 हजार 532 संविदा मशीन विद् मैन (कम्प्यूटर ऑपरेटर) कार्यरत है, जो नियुक्ति की मांग कर रहे है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान की पिछली सरकार ने संविदा रूल्स 2022 में 1लाख 10 हजार कर्मचारियों को शामिल किया था। उस रूल्स के मुताबिक भुगतान सीधे खाते में आ रहा था, उन सभी को संविदा में लिया था। इसी को लेकर मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के कर्मचारी पिछले कई दिनों से मांग कर रहे थे कि उन्हें भी सीएसआर में शामिल किया जाए।
साल 2023 में इस मामले के लेकर इन कर्मचारियों की स्क्रीनिंग भी हो गई। इनके नोडल और विभाग ने सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग भी कर दी, इनके कागज भी जांच दिए गए। फाइनेंस ने इसको लेकर आदेश भी दे दिए थे उसके बाद भी यहां के नोडल और विभाग के कर्मचारियों ने जैसे ही सरकार बदली इनकी फाइल कभी फाइनेंस विभाग जा रही तो कभी स्वास्थ्य विभाग जा रही है। जिसका हम विरोध करते है।
जालम सिंह भाटी ने बताया कि वह 2016 से कार्य कर रहे हैं। संविदा रूल्स 2022 नियम लागू हुआ था, तब हमारी वित्तीय स्वीकृति हो गई थी, स्क्रीनिंग हो गई। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए हम भटक रहे हैं।
जालम सिंह भाटी ने बताया- कि हम 2016 से कार्य कर रहे हैं। संविदा रूल्स 2022 नियम लागू हुआ था, तब हमारी वित्तीय स्वीकृति हो गई थी, स्क्रीनिंग हो गई। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए हम भटक रहे हैं।
वहीं अखिल राजस्थान संविदा कम्प्यूटर महासंघ मुख्यमंत्री निशुल्क राजस्थान योजना के अध्यक्ष जालम सिंह भाटी ने बताया कि हम 2016 से कार्य कर रहे हैं। संविदा रूल्स 2022 नियम लागू हुआ था, तब हमारी वित्तीय स्वीकृति हो गई थी, एक साल पहले डॉक्यूमेंट्स की जांच हो गई, फाइलें जमा हो गई और स्क्रीनिंग हो गई। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए हम भटक रहे हैं।
स्वास्थ्य भवन के घेराव कार्यक्रम के बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख शासन सचिव, स्वास्थ्य विभाग गायत्री राठौड़ से वार्ता की। जिसके बाद उन्होंने आश्वस्त किया कि अखिल राजस्थान संविदा कम्प्यूटर महासंघ मुख्यमंत्री निशुल्क राजस्थान योजना में कार्यरत कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी जल्द ही ज्वॉइनिंग करवाई जाएगी।
वहीं कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी कि 20 दिन में ज्वाइनिंग लिस्ट जारी नहीं की गई तो कर्मचारी एक बार फिर स्वास्थ्य भवन का घेराव करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य भवन के घेराव कार्यक्रम में राजस्थान से आए बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।



















