100 करोड़ की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश: दो आरोपितों को पुलिस ने धर-दबोचा

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MD drugs factory worth Rs 100 crore busted: Police arrested two accused

जयपुर। बाड़मेर पुलिस को विशेष अभियान “ऑपरेशन भौकाल” के तहत सेड़वा थाना क्षेत्र के धोलकिया गांव में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जोधपुर के साथ मिलकर एक अवैध एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में मादक पदार्थ, उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण जब्त किए गए हैं। जिनकी कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है, जब्त केमिकल से 100 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती है।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मौके से 39 किलो 250 ग्राम एमडी,एनडीपीएस मिश्रित तरल पदार्थ, 290 किलो 840 ग्राम विभिन्न रासायनिक लिक्विड (क्लोरोफॉर्म, अमोनिया क्लोराइड, एसिड, टोलवीन, ब्रोमीन, एचसीएल, कार्बन सहित), 5 किलो 330 ग्राम सफेद पाउडर, एक इलेक्ट्रिक कांटा, जनरेटर और ड्रग्स बनाने की विधि लिखी दो कॉपियां जब्त की हैं। जब्त की गई सामग्री की कीमत लगभग 40 लाख है, जिससे 100 करोड़ की एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी।

एसपी मीना ने बताया कि मुखबिर से सेड़वा थानांतर्गत धोलकिया (कारटीया) गांव में अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री चलने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर विशेष टीमें गठित की गईं। टीम ने मांगीलाल बिश्नोई के खेत में दबिश दी, जहां घर के पीछे एक छपरे में फैक्ट्री का सेटअप मिला। पुलिस को देखकर तीन लोग भागने लगे, जिनमें से मांगी लाल बिश्नोई (21) निवासी धोलकिया कारटिया और बिरजू जयेंद्र शुक्ला (45) निवासी मुंबई, महाराष्ट्र को मौके पर ही धर दबोचा गया। एक अन्य आरोपी गणपत सिंह रावणा राजपूत निवासी आकल भागने में सफल रहा।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस फैक्ट्री को स्थापित करने की योजना रमेश उर्फ अनिल बिश्नोई, कमलेश उर्फ कार्तिक बिश्नोई, कमलेश गोदारा और गणपत सिंह रावणा राजपूत ने मिलकर बनाई थी। मांगीलाल को फैक्ट्री के लिए जगह देने के बदले रमेश द्वारा 10 लाख रुपये दिए जाने थे, जिसमें से 5 लाख नकद दिए जा चुके थे।

फैक्ट्री के लिए सामग्री मुंबई से मंगवाई गई थी, जिसमें नर्मदा ग्लास कंपनी से कांच का सामान और रोहन कंपनी से रासायनिक पदार्थ/केमिकल/एसिड शामिल थे।आरोपियों में चोरी, लूट, मारपीट, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध हथियार रखने और सबसे महत्वपूर्ण, मादक पदार्थों की तस्करी व निर्माण जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्तता पाई गई है। यह गिरोह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा है जो विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल है।

इस महत्वपूर्ण और सफल कार्यवाही में थाना सेड़वा के कांस्टेबल मनोहर सिंह की विशेष भूमिका रही है। इसके अतिरिक्त, पुलिस टीम में एसएचओ दीप सिंह सहित हैडकांस्टेबल आसु राम, कांस्टेबल गंगाराम, कांस्टेबल खेमाराम, रामकिशोर, कालूराम, प्रभु राम, मोहन लाल, भोजाराम, महिला कांस्टेबल धाई और कांस्टेबल चालक चैनराम शामिल रहे।

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