हज़ारों बच्चों ने 15 देशों की 71 फिल्मों का आनंद लिया

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Thousands of children enjoyed 71 films from 15 countries
Thousands of children enjoyed 71 films from 15 countries

जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (जिफ) और आर्यन रोज़ फाउंडेशन द्वारा आयोजित 8वाँ आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल ऑफ जयपुर (एआईसीएफएफ) 10वाँ सिक्सटीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स (16 आईएफएफ) तथा लॉन्चिंग एडिशन के रूप में कल्चर एंड टूरिज़्म फिल्म फेस्टिवल ( सीटीएफएफ) और वर्ल्ड स्टूडेंट फिल्म फेस्टिवल (डब्ल्यूएसएफएफ) में दो दिनों के दौरान हज़ारों बच्चों ने 15 देशों की 71 फिल्मों का आनंद लिया और साथ ही फ़िल्म निर्माण के गुर भी सीखे।

सहायक निदेशक ऐश्वर्या चौहान ने बताया कि दो दिवसीय समारोह के दूसरे और समापन दिवस पर स्कूल विद्यार्थियों के लिए कई प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। इस अवसर पर रूस की शॉर्ट फिक्शन फिल्में याश्का द कट्लफिश (डेनिस बोरोडिन) और लेस रेव्स / द ड्रीम्स (मारिया बैवा), फ्रांस की एनिमेशन शॉर्ट द फॉरेस्ट ऑफ द हनी बीज़ (एरवान ले गल), भारत की एनिमेशन शॉर्ट बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड (सीजन 1, एपिसोड 6 – “डार्क सीक्रेट्स”), यूनाइटेड किंगडम की शॉर्ट फिक्शन डांटे’स इंफर्नो – द एस्केंशन (सोफियान फ्रांसिस), चीन/मकाओ की मॉर्फियस (गुओझेंग हे), मेक्सिको की शॉर्ट फिक्शन ओलगुइटा (मारीमार हरेरियास प्लीगो) और चीन की द लॉस्ट गॉट (शुआई वांग) प्रदर्शित की गई।

इसके अलावा जापान की एनिमेशन फीचर ड्रैगन हार्ट – एडवेंचर्स बियॉंड दिस वर्ल्ड (इसामु इमाकाके), सर्बिया की एनिमेशन शॉर्ट चर्दक (मिलेता पोस्टिक, प्रेड्राग जोल्डिक) और यूनाइटेड किंगडम की शॉर्ट फिक्शन द सिल्वर लाइनिंग (मिकी ऑल्टॉफ) को भी दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया गया। इन फिल्मों ने विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता, कहानी कहने की शैली और एनिमेशन व शॉर्ट फिक्शन के बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे बच्चों और युवा दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्में देखने और सीखने का अवसर मिला।

कई फिल्में दर्शकों द्वारा अत्यधिक सराही गईं, जिनमें इप्शिता भट्टाचार्य की फिल्म द ब्लीडिंग टाइड प्रमुख है। यह फिल्म मौसम परिवर्तन के कारण महिलाओं में होने वाले विशेष बदलाव, विशेषकर मासिक धर्म पर पड़ने वाले प्रभावों को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है। इसकी सिनेमेटोग्राफी इतनी उम्दा है कि दर्शक पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए। इसके अलावा जयपुर के दर्शकों को फिल्म जयपुर ऐज़ ए कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया से बहुत कुछ सीखने को मिला, विशेषकर बच्चों के लिए यह शिक्षा और मनोरंजन का बेहतरीन संगम साबित हुई।

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