जयपुर। इन्दिरा बाजार, खजाने वालों का रास्ते में स्थित माता लीलावती सत्संग भवन में माता लीलावती साहब एवं माता वसी देवी साहब के तीन दिवसीय बरसी महोत्सव मनाया जा रहा है । महोत्सव के दूसरे दिन अमृतवेला में प्रात 5 से 7 बजे माता लीलावती सत्संग मंडली के सानिध्य में भजन कीर्तन सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महोत्सव में जरुरतमंद परिवार को खाद्य सामग्री सहित कंबल कपड़े आदि का वितरण भी किया गया।
बरसी महोत्सव में गोरखनाथ में रहे बसंत ने प्रहलाद का दृष्टांत देकर समझाया कि जब प्रहलाद इस मृत्युलोक से सच खंड पहुंचे, तो सबसे पहले उन्होंने यह पूछा कि मेरे पिताजी कहां है। सचखंड में उन्हें बताया गया कि आपके पिता जी हिरणाकश्यप अपने बुरे कर्मो का फल घोर नर्क में भोग रहे हैं तो प्रहलाद ने कहा कि मैं तो स्वर्ग लोक में रहूं सचखंड में रहूं और मेरे पिताश्री गोर नर्क में यातनाएं सहे। ऐसी स्थिति में प्रभु को प्रहलाद के सामने झुकना पड़ा और उनके पिताश्री को मोक्ष प्रदान किया वो इसलिए कि प्रहलाद ने प्रभु परमात्मा के नाम का स्मरण किया था।
कायर्क्रम के दौरान अशोक टेवानी ने बताया कि बरसी महोत्सव के दूसरे दिन 150 जरूरत मंद परिवारों को राशन का सामान कंबल, कपड़े, स्टील सामान, चप्पल, एयर टाईट बॉक्स आदि का वितरण किया गया।
सांयकाल की सभा में अमरपुरा आश्रम, जयपुर के मंडलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज ने अपने श्रीमुख से अमृतवाणी में भक्तों से कहा कि देर है दिल को साफ करने की और नाम जपने की प्रभु को पाने में देर नहीं मन को शांति मिलने में नहीं संसार को साईड में करके सब सुखों का त्याग कर संतों का संग करके संस्कार को प्राप्त करें। जो संतों का साथ करता है, प्रभु के नाम का स्मरण करता है उस पर प्रभु परमात्मा की कृपा होती है। अंत में महाराज ने विश्व शांति के लिए पल्लव प्रकार सत्संग की समाप्ति की।




















