सूर्य उत्तरायण पर पंच कुंडीय सूर्य गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन

0
71
A grand five-altar Surya Gayatri Mahayagna was organized on the occasion of the sun's northward movement.
A grand five-altar Surya Gayatri Mahayagna was organized on the occasion of the sun's northward movement.

जयपुर। सूर्य भगवान के उत्तरायण होने के पावन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं को सूर्य की प्राण ऊर्जा का अधिक से अधिक लाभ मिले—इस उद्देश्य से ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी परिसर में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में सूर्य गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी द्वारा ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी, देव माता गायत्री एवं गुरु सत्ता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पधारी देव कन्याओं—साक्षी राज, प्राची, सजल एवं वंदना—ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अत्यंत अनुशासित एवं भावपूर्ण ढंग से यज्ञ संपन्न कराया। इस अवसर पर साक्षी राज ने कहा कि दुनिया का हर श्रेष्ठ कार्य यज्ञ है। यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रयोग है। अपने समय, संसाधन, ज्ञान, धन और शक्ति का एक अंश समाज हित के कार्यों में लगाना ही आज के संदर्भ में यज्ञ का वास्तविक संदेश है।

यज्ञ में सूर्य गायत्री महामंत्र के साथ विशेष आहुतियां प्रदान की गईं, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। पांच पारियों में लगभग 500 श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। इस कार्यक्रम के दौरान गायत्री कचोलिया ने भावपूर्ण प्रज्ञा गीतों की सरस प्रस्तुतियां दीं तथा यज्ञ के संचालन में सूत्रधार की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रविवार को विश्व ध्यान दिवस होने के कारण उपस्थित साधकों को ध्यान का अभ्यास भी कराया गया। साथ ही ध्यान से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। यज्ञ की पूर्णाहुति “एक बुराई छोड़ो, एक अच्छाई अपनाओ” के संकल्प के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर युग निर्माण सत्संकल्प का पाठ कराया गया तथा नारी की गौरव-गरिमा को बढ़ाने वाले जयघोष लगाए गए।

गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी की ओर से सत्साहित्य स्टॉल लगाई गई, जहां श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक साहित्य का लाभ लिया। कार्यक्रम में अन्नप्राशन संस्कार एवं जन्मदिवस संस्कार भी संपन्न कराए गए। गायत्री परिवार के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता भाई-बहनों ने सेवाभाव से कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम उदाहरण बना, जिसमें सूर्य उपासना, यज्ञ, ध्यान और संस्कारों के माध्यम से मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here