डिजिटल युग के प्रहरी: साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षा की मिसाल बने मानस त्रिवेदी

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जयपुर। आज का युग डिजिटल क्रांति का युग है। मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने जहाँ जीवन को तेज़ और सुविधाजनक बनाया है, वहीं साइबर अपराध एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनकर उभरे हैं। ऑनलाइन ठगी, डेटा लीक, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल फ्रॉड जैसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञ मानस त्रिवेदी एक सशक्त और भरोसेमंद नाम बनकर सामने आए हैं।

साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका: 

साइबर एक्सपर्ट मानस त्रिवेदी पिछले कई वर्षों से साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध जांच और डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से न केवल आम नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के उपाय बताए हैं, बल्कि पुलिस विभाग को भी आधुनिक साइबर जांच तकनीकों से सशक्त किया है। मानस त्रिवेदी का मानना है कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल तकनीक से नहीं, बल्कि जागरूकता और सही प्रशिक्षण से जीती जा सकती है। इसी सोच के साथ वे लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सेमिनारों और कार्यशालाओं का आयोजन करते आ रहे हैं।

पुलिस प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान: 

मानस त्रिवेदी द्वारा विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं साइबर हेल्प डेस्क के जवानों को साइबर जांच से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इन प्रशिक्षण सत्रों में ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया क्राइम, मोबाइल और ईमेल हैकिंग, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण तथा साइबर कानूनों की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि साइबर अपराधों की त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके। पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा उनके प्रशिक्षण को उपयोगी और समय की आवश्यकता बताया गया है।

आम नागरिकों के लिए साइबर जागरूकता: 

मानस त्रिवेदी का कार्य केवल पुलिस प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। वे आम नागरिकों, छात्रों, युवाओं और संस्थानों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका फोकस डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा, सोशल मीडिया पर सावधानी, फर्जी कॉल और लिंक से बचाव तथा डेटा प्राइवेसी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रहता है। वे मानते हैं कि यदि नागरिक स्वयं सतर्क हों, तो साइबर अपराधों की बड़ी संख्या को रोका जा सकता है।

सोच, दृष्टिकोण और उद्देश्य: 

मानस त्रिवेदी की कार्यशैली उन्हें अन्य साइबर विशेषज्ञों से अलग बनाती है। उनका उद्देश्य केवल अपराध की जांच नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम है। वे चाहते हैं कि भारत में एक मजबूत साइबर सुरक्षा संस्कृति विकसित हो, जहाँ तकनीक का उपयोग सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उनकी सोच स्पष्ट है—

“साइबर सुरक्षा आज विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।”

डिजिटल भारत में अहम भूमिका: 

डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर एक्सपर्ट मानस त्रिवेदी जैसे विशेषज्ञ समाज के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच हैं। उनका निरंतर प्रयास पुलिस प्रशासन, संस्थानों और आम नागरिकों के बीच सेतु का काम कर रहा है। साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से वे एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

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