जयपुर। मंदिर श्री गीता गायत्री जी पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा का विश्राम हुआ। कथा वाचक आचार्य राजेश्वर महाराज कथा के प्रसग में सुदामा चरित्र की लीला का भक्तों को प्रसंग सुनाया। मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया की कथा में कृष्ण और सुदामा की झांकी भक्तों का आकर्षण का केंद्र रही। कृष्ण और सुदामा की दिव्य अनुभूति हो रही है।
आचार्य राजेश्वर महाराज ने कहा की मित्रता वह धन है जो स्वयं अर्जित होता है माता-पिता भाई-बहन तो हमें रिश्तो में मिलते हैं लेकिन मित्र के रूप में भगवान हम सबको प्राप्त होते हैं । वर्तमान समय में युवा पीढ़ी एंजायटी और डिप्रेशन से जूझ रही है किताबों से दोस्ती और सही व्यक्ति से दोस्ती सभी प्रकार के मानसिक अवसाद का इलाज हो सकती है सुदामा चरित्र के बाद चिट्ठा पूजन और उसके बाद भागवत को मंगल गीत गाते नाचते भागवत का विश्राम हुआ।
राम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के मौके पर मंदिर प्रांगण में भक्तों के द्वारा महाआरती का आयोजन किया गया l इस मौके पर आदर्श नगर विधानसभा प्रत्याशी रवि नय्यर, परकोटा गणेश मंदिर महंत अमित शर्मा, वीर हनुमान मंदिर से प्रमोद शर्मा हीरालाल जी सैनी नाथू सिंह गुर्जर संहित अनेक गणमान्य भक्त महाआरती में शामिल हुए ।



















