नए साल के जश्न में नशे का कहर, 299 घायल, एसएमएस ट्रॉमा पहुंचे

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जयपुर। नववर्ष के जश्न में नशे के जोश ने राजधानी की सड़कों को खून से लाल कर दिया। देर रात शराब के नशे में तेज रफ्तार दुपहिया और चौपहिया वाहन चलाने से हुए हादसों में 299 घायल सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस की सख्त अपीलों और निगरानी के बावजूद युवाओं की लापरवाही भारी पड़ी, जिसका सीधा असर एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में देखने को मिला।

रात 8 बजे बाद हादसों में तेज उछाल

नववर्ष की रात 8 बजे के बाद सड़क हादसों के मामलों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। देर रात तक घायलों का सिलसिला चलता रहा और ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह व्यस्त रहा।

एक की मौत, 50 की हालत गंभीर

एसएमएस ट्रॉमा सेंटर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि बीते 24 घंटों में कुल 299 घायल इलाज के लिए लाए गए। इनमें से एक घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 50 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। शेष 249 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

120 से ज्यादा एक्सीडेंट सिर्फ रात में

डॉ. यादव ने बताया कि रात 8 बजे के बाद ही करीब 120 सड़क दुर्घटनाओं के मामले ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने पूरी रात लगातार घायलों का इलाज किया।

बिना हेलमेट, नशे में ड्राइविंग बनी बड़ी वजह

घायलों में अधिकांश दुपहिया वाहन चालक थे। जांच में सामने आया कि कई युवक बिना हेलमेट और शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। लापरवाह ड्राइविंग से न सिर्फ खुद की, बल्कि राहगीरों की जान भी खतरे में डाली गई।

पुलिस की अपील बेअसर

जयपुर पुलिस और प्रशासन ने नववर्ष से पहले लगातार अपील की थी कि शराब पीकर वाहन न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें और गति सीमा का पालन करें, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही थम नहीं सकी।

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