जयपुर। केन्द्र सरकार द्वारा तंबाकू, गुटखा, जर्दा और पान मसाला जैसे उत्पादों पर एक फरवरी से अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, स्वास्थ्य उपकर लागू करने तथा निर्माताओं के लिए सीसीटीवी व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्णय का प्रदेश में व्यापक स्वागत किया है। प्रदेश में कार्यरत विभिन्न नशा मुक्ति संगठनों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
केन्द्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार तंबाकू उत्पाद निर्माताओं को सभी पैकिंग मशीनों को कवर करते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे और 24 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखनी होगी। साथ ही तंबाकू और पान मसाला पर लगाया जाने वाला नया अतिरिक्त उत्पाद शुल्क एवं स्वास्थ्य उपकर मौजूदा जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेगा। यह कर 40 प्रतिशत जीएसटी (बीड़ी के मामले में 18 प्रतिशत जीएसटी) के अतिरिक्त होगा।
प्रदेश में नशा उन्मूलन के क्षेत्र में सक्रिय प्रदेश नशा उन्मूलन समिति के सचिव धर्मवीर कटेवा ने केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तंबाकू उत्पादों पर कर बढ़ाने और निगरानी कड़ी करने से इनके सेवन में निश्चित रूप से कमी आएगी। उन्होंने कहा कि तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पाद समाज और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। करों में वृद्धि और सख्त निगरानी से इनकी उपलब्धता और खपत दोनों पर असर पड़ेगा। हालांकि, इसके लिए प्रशासन को फील्ड में उतरकर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
धर्मवीर कटेवा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन नशा मुक्ति संगठनों का सहयोग लेना चाहता है, तो प्रदेश के संगठन निशुल्क सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अखिल विश्व गायत्री परिवार के नशा मुक्ति आंदोलन से जुड़े प्रहलाद शर्मा ने कहा कि कि जनजागरूकता अभियान, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम और समुदाय स्तर पर पहल के माध्यम से इस नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर से प्राप्त राजस्व का उपयोग यदि स्वास्थ्य जागरूकता और उपचार योजनाओं में किया जाए, तो इससे प्रदेश में नशा उन्मूलन अभियान को नई दिशा मिलेगी।
सख्त हो मॉनिटरिंग व्यवस्था
नशा मुक्ति संगठनों ने राज्य और केन्द्र सरकार से अपील की है कि इस सख्त नीति के साथ-साथ जमीनी स्तर पर निगरानी, अवैध बिक्री पर रोक और जनजागरूकता अभियानों को भी समान प्राथमिकता दी जाए, ताकि जयपुर सहित पूरे राजस्थान में स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।




















