जयपुर। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला सकट चौथ का व्रत मंगलवार को श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाएगा। इस व्रत को संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है।
आचार्य गौरी शंकर शर्मा, बोरखेड़ा ने बताया कि सकट चौथ का व्रत संतान प्राप्ति, संतान की दीर्घायु तथा घर में सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान के अच्छे स्वास्थ्य और जीवन के संकटों के निवारण की कामना के साथ भगवान गणेश और चौथ माता की विधिवत पूजा करती हैं। पूजा में तिल-गुड़ से बने तिलकुट का भोग अर्पित किया जाता है और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
आचार्य शर्मा ने बताया कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो पूजा-पाठ के लिए विशेष फलदायी माना गया है। गणेश चौथ की पूजा का शुभ समय मंगलवार, 6 जनवरी को प्रातः 11.12 बजे से 1.48 बजे तक तथा सायंकाल 7.28 बजे से 9.09 बजे तक रहेगा। चंद्रोदय रात्रि 9.05 बजे होगा।
सकट चौथ पर गणेश पूजन और व्रत से जीवन के विघ्न दूर होते हैं तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।



















