सुदामा चरित्र के साथ भागवत कथा में फूलों की होली में झूमे श्रद्धालु

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जयपुर। श्री गिर्राज संघ परिवार, विश्वकर्मा जयपुर के 27वें वार्षिकोत्सव पर विद्याधर नगर सेक्टर-7 में आयोजित 108 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का गुरुवार को सुदामा चरित्र, नवयोगेश्वर संवाद और परीक्षित मोक्ष की कथा के साथ समापन हुआ। कथा व्यास आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि सत्य को छिपाया जा सकता है, लेकिन मिटाया नहीं जा सकता।

महाराज ने सुदामा चरित्र के माध्यम से बताया कि निर्धनता और दरिद्रता में अंतर होता है तथा भगवान अपने भक्तों पर सदैव कृपा करते हैं। उन्होंने कहा कि भक्ति का व्यापार नहीं करना चाहिए, सुदामा जी ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी प्रभु ने सब कुछ प्रदान किया।

समापन अवसर पर फूलों की होली खेली गई। “बांके बिहारी लाल तेरी जय होवे…” और “आज विरज में होली रे रसिया…” जैसे भजनों पर संयोजक विनोद गोयल, अध्यक्ष रामरतन अग्रवाल व महामंत्री गिरीश अग्रवाल सहित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। कथा के प्रारंभ व समापन पर पूजन-आरती की गई तथा 125 ब्राह्मणों ने श्रीमद् भागवत के मूल पाठ किए।

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