एसआईआर की आड़ में वोटर सूची से नाम काटने का षड्यंत्र : डोटासरा

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A conspiracy to remove names from the voter list under the guise of SIR (Special Investigation Report): Dotasra
A conspiracy to remove names from the voter list under the guise of SIR (Special Investigation Report): Dotasra

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में अभी तीन वर्ष शेष होने के बावजूद अनावश्यक रूप से चल रही एसआईआर प्रक्रिया की आड़ में भाजपा कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम वोटर सूची से कटवाने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद भी अशुद्ध और फर्जी बताई जा रही वोटर लिस्ट के आधार पर ही नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव कराए जाएंगे, जिससे लोकतंत्र पर खतरा है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के बीएलए ने नियमों के तहत सक्रियता से कार्य किया और चुनाव आयोग के साथ हर स्तर पर संवाद किया, लेकिन अंतिम दिनों में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर नियमों को ताक पर रखकर बल्क में हजारों आवेदन दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट प्रकाशन से ठीक पहले भाजपा नेताओं ने पहले से प्रिंटेड फार्म, फर्जी हस्ताक्षरों और बिना बीएलए साइन के जमा कराए, जो पूरी तरह अवैध हैं।

डोटासरा ने बताया कि 14 जनवरी तक जारी डाटा के अनुसार भाजपा के 973 बीएलए ने नाम जोड़ने के लिए 211 और हटाने के लिए 5694 आवेदन दिए। जबकि कांग्रेस के 110 बीएलए ने केवल 185 नाम जोड़ने और दो नाम हटाने की आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस समर्थित वोटरों के नाम जानबूझकर काटने की कोशिश की जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पहले 4000 आवेदन आए थे, जो अचानक बढ़कर 12 हजार हो गए। कई फार्मों में न तो पूरी जानकारी है और न ही सही हस्ताक्षर। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और नियम विरुद्ध आवेदन देने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

इस अवसर पर मुख्य सचेतक रफीक खान ने आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में फर्जी हस्ताक्षरों से नाम कटवाने के प्रयास का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने नियमों के खिलाफ नाम काटने में सहयोग किया तो कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध करेंगे। बाद में डोटासरा और जूली ने राज्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

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