ऑपरेशन क्लीन राइड: राजस्थान रोडवेज की निशुल्क यात्रा योजना में करोड़ों का गबन करने वाले सात और गिरफ्तार

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Area Domination Campaign: Police arrest 33 suspects.
Area Domination Campaign: Police arrest 33 suspects.

जयपुर। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन राइड ने राजस्थान रोडवेज के भीतर चल रहे एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो छात्र हित की योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रहा था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए जोधपुर, अजमेर, कोटा और झालावाड़ से 07 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एसटीडी गिरोह के माध्यम से इस बड़े गबन को अंजाम दे रहे थे।

कैसे होता था निशुल्क यात्रा के नाम पर गबन

जांच में सामने आया कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए शुरू की गई निशुल्क यात्रा सुविधा का अपराधी गिरोह दुरुपयोग कर रहे थे।

इसका खेल तीन चरणों में चलता था

कलेक्शन: परिचालक और सिविल डिफेंस वॉलंटियर परीक्षार्थियों से एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी लेते थे।
सप्लाई: चूंकि इन परिचालकों का कोई फिक्स टारगेट नहीं होता, वे इन एडमिट कार्ड्स को एसटीडी गिरोह के माध्यम से बस सारथी (अनुबंध पर काम करने वाले) को बेच देते थे।
राजस्व की चोरी: बस सारथी यात्रियों से तो पूरा किराया वसूलते थे, लेकिन रिकॉर्ड में इन एडमिट कार्ड्स का उपयोग कर निशुल्क यात्रा टिकट दिखा देते थे। इस तरह वे अपने टारगेट का 50 से 75 प्रतिशत हिस्सा फर्जी टिकटों से पूरा कर सरकारी राजस्व अपनी जेब में डाल रहे थे।

कोटा में मिले एडमिट कार्ड के अंबार, खुला गिरोह का नेटवर्क

पुलिस ने कोटा निवासी आरोपी राधेश्याम के पास से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए हैं। ताज्जुब की बात यह है कि बारां, भीलवाड़ा, धौलपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे अलग-अलग जिलों के एडमिट कार्ड कोटा में एक ही जगह मिले, जो इस संगठित गिरोह की पहुंच को दर्शाता है।

एसपी कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत एक गोपनीय शिकायत से हुई। एसटीडी गिरोह का सरगना नरेन्द्र सिंह रोडवेज परिचालकों को उडनदस्तों के नाम पर डराता था। वह रिमार्क लगवाने और नौकरी खराब करने की धमकी देकर उनसे वसूली करता था। जो पैसे देते थे, उन्हें उडनदस्तों की लोकेशन बताकर राजस्व हानि में मदद की जाती थी।

गोपनीय परिवाद की लगभग 1 महीने से अधिक अवधि की लंबी

विस्तृत जांच के बाद जांच रिपोर्ट पर पुलिस थाना कोतवाली झालावाड़ में प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 30 जनवरी को बेहद गोपनीय रेड की गई। रेड में गिरोह के सरगना नरेंद्र सिंह सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आगामी अनुसंधान के क्रम में रविवार 1 फरवरी को 07 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की गई।

पुलिस ने जोधपुर, अजमेर, कोटा, बांसवाड़ा और झालावाड़ से इस गिरोह से जुड़े 7 शातिरों को दबोचा है। जिनमें दिनेश कुमार वैष्णव (44) निवासी केकड़ी अजमेर, राधेश्याम बैरवा (43) निवासी कुन्हाड़ी कोटा शहर, नरेन्द्र टांक (56) निवासी नागौरी गेट जोधपुर, शाहनवाज (33) निवासी कोतवाली झालावाड़, अंकित गुर्जर (27) निवासी झालरापाटन और उमेश पुरोहित (52) व गिरीश जोशी (51) निवासी कोतवाली जिला बांसवाड़ा शामिल है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में सेंध लगाने वाले और राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन क्लीन राइड के तहत जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

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