
जयपुर। केंद्र सरकार ने हाल ही घोषित बजट में आयुर्वेद को प्रमुखता दी है। इससे आयुर्वेद की आरोग्य से लेकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में, स्वास्थ्य संरक्षण से लेकर स्थाई रोगोपचार में महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध हुई है। केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के साथ ही राज्य सरकार से भी अपेक्षा है कि केंद्र सरकार की दूर दृष्टि सोच का अनुसरण करते हुए आगामी बजट में प्रदेश सरकार भी स्वदेशी भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को प्रमुखता देते हुए विशेष घोषणाएं करे।
मांग पत्र में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर जिला आयुर्वेद चिकित्सालयो को 100 बैड के हॉस्पिटल में क्रमोन्नत करने, आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में औषधियों की वर्ष भर निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद सृजित करने, रिक्त पदों पर चिकित्सकों , नर्सिंगकर्मियों, परिचारकों, अकाउंटेंट, क्लर्क की भर्ती करने, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में डे केयर पैकेज चालू करने एवं प्राइवेट आयुर्वेद हॉस्पिटल्स को शामिल करने , औषधालयों में नर्सिंग कर्मियों के पद सृजित करने, महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने, आयुर्वेद चिकित्सकों को भी डीएसीपी/ एनपीए देने,आरजीएचएस स्कीम में उपयोगी आयुर्वेद दवाओं की संख्या बढ़ाने, आयुर्वेद क्लीनिक, हॉस्पिटल, फार्मेसी इत्यादि संचालित करने के लिए डिग्री के आधार पर लोन स्वीकृत करने, जड़ी बूटी क्रय विक्रय केंद्र स्थापित करने, जिला स्तर पर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना करने, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आयुष विभाग का 90 प्रतिशत बजट आवंटित करने, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस )की तर्ज पर ही आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान केंद्र की स्थापना करने, आयुर्वेद औषधियों के जांच हेतु राज्यस्तरीय टेस्टिंग लैब की स्थापना करने, चिकित्सकों के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने आदि मांगे शामिल हैं।
आयुर्वेद विकास एवं आयुर्वेद से आमजन को लाभान्वित करने के उद्देश्य से बुधवार को राष्ट्रीय सचिव डॉ किशोरीलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार शर्मा, चिकित्सक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह-प्रभारी डॉ बाबुलाल बराला, चिकित्सक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी डॉ पवन सिंह शेखावत, जयपुर प्रांत सह प्रभारी डॉ मुकेश चंद प्रजापत के नेतृत्व में मुख्य सचिव, उपमुख्यमंत्री कार्यालय, आयुर्वेद सचिव एवं वित्त सचिव को बजट घोषणा के लिए आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़ी 15 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन दिया।


















