जयपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन (एटक) के आह्वान पर रोडवेज के उत्थान और कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ चल रहा दो दिवसीय राज्यव्यापी धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा । प्रदेश भर की केंद्रीय कार्यशालाओं और सभी आगार इकाइयों पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने एकत्र होकर अपनी ज्वलंत मांगों के समर्थन में हुंकार भरी । संयुक्त धरने के प्रदेश अध्यक्ष एम.एल. यादव ने बताया कि धरने के दौरान श्रमिक नेताओं ने सरकार और प्रबंधन को घेरते हुए कई मांगें प्रमुखता से रखीं।
जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए 2500 नई बसों की खरीद और रिक्त पड़े 12 हजार पदों पर तुरंत भर्ती की जाए । 1 हजार 965 के स्थायी आदेशों के तहत कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी चाइल्ड केयर लीव (संतान देखभाल अवकाश) की सुविधा दी जाए सहित आर्टिजन ग्रेड प्रथम की ग्रेड पे 2 हजार 400 से बढ़ाकर 2 हजार 800 रुपये करने और नॉन- आईटीआई कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर देने की मांग की गई।
राजधानी में जयपुर और वैशाली नगर आगार के संयुक्त धरने को महासचिव धर्मवीर चौधरी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि चालकों और परिचालकों से नियमों के विरुद्ध रोजाना 12 से 15 घंटे काम लिया जा रहा है। जिसे तुरंत बंद कर क्रू चेंज व्यवस्था लागू की जाए । साथ ही विभिन्न तकनीकी कारणों से पिछले तीन महीनों से रोके गए वेतन का तुरंत भुगतान करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई।
इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की बात करते हुए यूनियन ने मांग की है कि जून 2025 से जनवरी 2026 तक रिटायर हुए कर्मियों के परिलाभों का तुरंत भुगतान हो । साथ ही 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेंशनर्स को क्रमशः 5% और 10% अतिरिक्त भत्ता दिया जाए । वहीं विद्याधर नगर और डीलक्स आगार की शाखाओं पर आयोजित प्रदर्शन में उपमहासचिव संजय चौधरी और प्रदेश सचिव नीरज शर्मा ने कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।




















