जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थियों के जरिए चयन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई की है।
एसओजी की टीमों ने अंडमान-निकोबार, कोलकाता, जयपुर, कोटा और जालौर सहित छह स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 5 डमी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक संदिग्ध एमबीबीएस छात्र को हिरासत में लिया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि 24 दिसंबर 2022 को आयोजित परीक्षा का सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर 29 जनवरी 2023 को पुनः आयोजित की गई थी। शिकायत मिली थी कि कुछ अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण कर धोखाधड़ी से चयन प्राप्त किया। इस संबंध में एसओजी थाने में प्रकरण संख्या 38/2023 दर्ज है।
महानिरीक्षक पुलिस शरत कविराज की पहल पर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर संदिग्ध फोटोग्राफ का मिलान किया गया। उपमहानिरीक्षक परिस देशमुख के निर्देशन में उन्नत तकनीकी विश्लेषण से पहचान प्रक्रिया मजबूत की गई।
अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मैदानी स्तर पर लोकेशन और पहचान सुनिश्चित कर समन्वित कार्रवाई की। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी ने बताया कि गिरफ्तार डमी परीक्षार्थियों में महेश कुमार बिश्नोई (एमबीबीएस छात्र, जयपुर), महिपाल बिश्नोई (एमबीबीएस छात्र, कोटा), सहीराम (एमबीबीएस छात्र, पोर्ट ब्लेयर), हनुमानाराम (राजकीय अध्यापक) एवं निवास कुराड़ा (राजकीय अध्यापक) शामिल हैं। एक अन्य संदिग्ध एमबीबीएस छात्र प्रिंस (कोलकाता) को हिरासत में लेकर जयपुर लाया जा रहा है।
आरोपियों ने विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा में मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर बैठकर 3 से 5 लाख रुपए तक की सौदा राशि में परीक्षा दी थी। संबंधित मूल अभ्यर्थियों में कुछ पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि दो फरार बताए गए हैं।
एडीजी बंसल के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 12 मूल अभ्यर्थी, 9 डमी परीक्षार्थी और 5 मध्यस्थ सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की वर्तमान नियुक्ति और शैक्षणिक डिग्रियों का सत्यापन कराया जाएगा। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में एसओजी की विशेष टीम के अधिकारियों एवं कार्मिकों की सराहनीय भूमिका रही।




















