जयपुर। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी पर जयपुर जिले से करीब 50 किमी दूर आसलपुर स्थित मां आशापुरा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पहाड़ी पर स्थित गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों ने सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर “जय माता दी” के जयकारों के साथ दर्शन किए।
धाम अपनी विशेष मान्यता और प्राकृतिक गुफा मंदिर के कारण प्रसिद्ध है। मान्यता है कि विक्रम संवत 699 में भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को मां आशापुरा यहां प्रकट हुई थीं और सांभर के राजा माणकराव को दर्शन देकर मंदिर निर्माण का आदेश दिया था।
पुजारी मोहित शर्मा और समिति संरक्षक महावीर सिंह राव के अनुसार यह स्थल मां आशापुरा का प्रमुख प्रकट्य स्थान माना जाता है। चौहान वंश सहित कई समाज इसे अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
नवरात्रि के अवसर पर मंदिर सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन और व्रतधारियों हेतु फलाहार की व्यवस्था की गई। समिति अध्यक्ष शिवरतन सोनी ने बताया कि व्यवस्थाएं सुचारू रखने के विशेष प्रयास किए गए।
आस्था और परंपरा के संगम बने इस धाम में हर वर्ष नवरात्रि पर श्रद्धालुओं का ऐसा ही उत्साह देखने को मिलता है।




















