
जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले एक और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसओजी ने बीएसटीसी परीक्षा 2019 और 2020 में मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर पास कराने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य शंभूलाल वडेरा को गिरफ्तार कर लिया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर द्वारा आयोजित इन परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर एसओजी ने गहन अनुसंधान शुरू किया था। इस मामले में उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र के 12 मूल अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
जांच के दौरान एसओजी ने बीकानेर विभाग से परीक्षा के मूल दस्तावेज प्राप्त किए। जब इन दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों और लिखावट का विधि विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण करवाया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के हस्ताक्षर मूल अभ्यर्थियों से मेल नहीं खाते, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि परीक्षा डमी अभ्यर्थियों ने दी थी।
गिरफ्तार आरोपी शंभूलाल वडेरा, निवासी फलासिया (उदयपुर), गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा पास कराने का झांसा देता था। इसके बदले वह उनसे मोटी रकम और दस्तावेज वसूलता था। शंभूलाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह आरोपी अशोक विश्नोई के साथ मिलकर ऑनलाइन आवेदन भरता था और परीक्षा के समय असली अभ्यर्थी की जगह डमी परीक्षार्थी को बैठाने का प्रबंध करता था।
एसओजी ने आरोपी शंभूलाल को को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 13 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। रिमांड के दौरान एसओजी गिरोह के अन्य सदस्यों और डमी अभ्यर्थियों के नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी।


















