
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की हालिया तस्वीरों को लेकर तीखा हमला बोला है।
राठौड़ ने कहा कि सार्वजनिक रूप से साथ आकर तस्वीरें खिंचवाना कांग्रेस नेताओं की वास्तविक एकजुटता नहीं, बल्कि उनके अंदरूनी मतभेदों को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “बार-बार फोटो के जरिए एकता दिखाने की कोशिश यह बताती है कि हकीकत में सब कुछ ठीक नहीं है। दिखावे की यह एकजुटता उनके आपसी मतभेदों को और उजागर कर रही है।
राठौड़ ने अशोक गहलोत के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहली बार राहुल गांधी ने एसटी, एससी और ओबीसी वर्गों के मुद्दों पर बात की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़ा करता है। उन्होंने पूछा कि क्या इसका अर्थ यह है कि इससे पहले इन वर्गों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया?
रिफाइनरी से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर बोलते हुए राठौड़ ने विपक्ष को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी होने तक विपक्ष को धैर्य रखना चाहिए और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।



















