आधुनिक तकनीक का कमाल: बिना सर्जरी सफल पेसमेकर प्रत्यारोपण

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जयपुर। जयपुर स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में एक जटिल और दुर्लभ प्रक्रिया के तहत झुंझुनूं निवासी मरीज जगदीश के हृदय में लीडलेस पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण किया गया। यह ऑपरेशन वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

मरीज का चिकित्सा इतिहास बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। वह पिछले करीब 10 वर्षों से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या से ग्रसित थे, जिसके चलते उन्हें चक्कर आना और बेहोशी की स्थिति का सामना करना पड़ता था। उपचार के रूप में वर्ष 2017 और 2024 में पारंपरिक पेसमेकर लगाए गए थे, लेकिन समय के साथ दोनों पेसमेकर काम करना बंद कर चुके थे। ऐसी स्थिति में तीसरी बार पारंपरिक पेसमेकर लगाना जोखिम भरा था।

इसी जटिलता को देखते हुए चिकित्सकों ने अत्याधुनिक तकनीक अपनाते हुए लीडलेस पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया। डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बिना चीरा लगाए पैर की नस के माध्यम से यह पेसमेकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस तकनीक में किसी प्रकार का चीरा नहीं लगता, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है। रिकवरी तेज होती है और डिवाइस सीधे हृदय में लगाए जाने से इसकी कार्यक्षमता बेहतर रहती है। इसमें तार (लीड) नहीं होते, जिससे भविष्य में जटिलताओं की संभावना भी कम रहती है। आकार में छोटा होने के कारण यह शरीर के भीतर आसानी से काम करता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि लीडलेस पेसमेकर तकनीक हार्ट ब्लॉक के मरीजों के लिए सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है, खासकर उन मरीजों के लिए जिनके पारंपरिक पेसमेकर काम करना बंद कर चुके हों।

अस्पताल के डायरेक्टर रंजन ठाकुर ने कहा कि यह सफलता आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे जटिल मामलों में भी मरीजों को बेहतर उपचार संभव हो पा रहा है।

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