कोलकाता/जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ममता बनर्जी सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखे सियासी प्रहार किए। पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे पर पहुंचे गहलोत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा की एंट्री के लिए ममता सरकार की नीतियां और भ्रष्टाचार जिम्मेदार हैं।
गहलोत ने कहा कि बंगाल की समृद्ध संस्कृति में कभी भाजपा के प्रवेश की कल्पना नहीं की जाती थी, लेकिन सरकार के भीतर फैले भ्रष्टाचार और घोटालों ने जनता के बीच गलत संदेश दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसे प्रदेश में भाजपा अपनी जगह बना रही है तो इसके लिए राज्य सरकार की विफलताएं ही जिम्मेदार हैं।
राजस्थान मॉडल का किया जिक्र
राजस्थान के सामाजिक सुरक्षा मॉडल पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल की योजनाओं की चर्चा आज भी हर घर में हो रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज, एमआरआई, सीटी स्कैन और दवाइयों की सुविधा दी गई। साथ ही पचपदरा रिफाइनरी का 85 प्रतिशत कार्य उनके कार्यकाल में पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि राजस्थान में लागू योजनाओं को बंगाल और पूरे देश में लागू किया जाए। गहलोत ने युवाओं के लिए एआई केंद्र और महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा जैसे वादों को कांग्रेस की प्रतिबद्धता बताया।
भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप
गहलोत ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में चुनी हुई सरकारों को गिराया गया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में भी ऐसी कोशिशें हुईं, लेकिन भाजपा इसमें सफल नहीं हो पाई।
‘कट मनी’ से त्रस्त जनता का दावा
ममता सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार ने सारी हदें पार कर दी हैं। शारदा, नारदा, रोजवैली और कोयला खनन जैसे घोटालों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बिना ‘कट मनी’ के कोई काम नहीं होता।
साथ ही उन्होंने भाजपा की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने ऐसी “वॉशिंग मशीन” बना रखी है, जिसमें शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी साफ हो जाते हैं। चुनावी बॉन्ड और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर भी उन्होंने सवाल उठाए।



















