
जयपुर। राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत चयनित विद्यार्थियों की लॉटरी निकलने के लगभग 70 दिन बीत जाने के बावजूद 1.80 लाख बच्चों को अब तक विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलने से अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त अभिभावक संघ ने राज्य सरकार, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवं निजी स्कूलों के खिलाफ सोमवार एक जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय वैश्विक अभिभावक दिवस के अवसर पर जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर “सद्बुद्धि यज्ञ” आयोजित करने की घोषणा की है।
प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू का कहना है कि एक तरफ सरकार शिक्षा के अधिकार और बाल शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ आरटीई में चयनित बच्चों को समय पर प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा है। अभिभावक पिछले दो महीनों से लगातार स्कूलों, शिक्षा विभाग के कार्यालयों एवं अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जिससे उनका आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण हो रहा है।
संघ ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल मनमाने तरीके से अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। कई अभिभावकों के बच्चों का वर्तमान शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
संयुक्त अभिभावक संघ ने बताया कि एक जून को आयोजित होने वाले “सद्बुद्धि यज्ञ” के माध्यम से सरकार एवं शिक्षा विभाग को सद्बुद्धि देने और बच्चों के शिक्षा अधिकार की रक्षा की मांग को लेकर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों के शामिल होने की संभावना है।


















