रामकथा में श्री राम विवाह के प्रसंग का हुआ मंचन

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जयपुर। गीता गायत्री मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में आयोजित भव्य एवं दिव्य रामकथा में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का विवाह प्रसंग अत्यंत धूमधाम एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया कि इन दिनों संपूर्ण गीता गायत्री मंदिर मिथिला नगरी के स्वरूप में सुसज्जित दिखाई दे रहा है।व्यासपीठ पर विराजमान पातालपुरी पीठाधीश्वर बालक देवाचार्य जी महाराज ने जैसे ही “रघुवर कोमल नयन को पहनाओ जयमाला” के साथ विवाह प्रसंग प्रारंभ किया, वैसे ही राम-जानकी की सजीव झांकी एवं जयमाला दर्शन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

पूरा वातावरण मंगल गीतों और भक्ति रस से सराबोर हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने “मिथिला का कण-कण मिला, जमाई राजा रामचंद्र मिला”, “सिया रामशरण परन लागी”, “झुक जइयो तनिक रघुवर सिया मेरी छोटी सी”, तथा “दुल्हन बनी सीता, दूल्हा बने राजा रामचंद्र” सहित अनेक मंगल गीत गाकर विवाहोत्सव की आनंदमयी छटा बिखेरी।

वरमाला के समय पंच खंड पीठाधीश्वर आचार्य सोमेंद्र जी महाराज तारकेश्वर मंदिर के अमित पाराशर जी सिद्धिविनायक के महंत नलिन शर्मा रघुनंदन वशिष्ठ समाजसेवी हीरालाल जी सैनी एसपी यादव सहित गणमान्य उपस्थित थे प्रभु श्री राम की वरमाला के उपरांत वधू पक्ष की ओर से मिथिला नगरी में भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। महिलाओं ने मेहंदी लगाकर मंगल गीत गाए तथा अपने अखंड सौभाग्य एवं सुहाग की मंगलकामना की। पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।

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