
जयपुर। राजधानी में खाली भूखंडों पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य के राजस्थान आवासन मंडल (हाउसिंग बोर्ड) के भूखंड पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने वाले नामी भूमाफिया गोपाल लाल मीणा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर भूखंड से संबंधित मूल कन्वेयंस डीड और परपेचुअल लीज दस्तावेज भी बरामद कर जब्त किए हैं। मामले में हाउसिंग बोर्ड के कुछ कर्मचारियों और दलालों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
जयपुर पूर्व की पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि जवाहर सर्किल थाने में परिवादी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने 13 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि राजस्थान आवासन मंडल ने 30 जून 2005 को आवंटन पत्र क्रमांक 2560 के माध्यम से उन्हें भूखंड संख्या 5/H/73, क्षेत्रफल 266.700 वर्ग मीटर आवंटित किया था। लंबे समय बाद जब उन्होंने भूखंड की स्थिति की जानकारी ली तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान आवासन मंडल से संबंधित भूखंड की संपूर्ण प्रमाणित पत्रावली प्राप्त की। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी गोपाल लाल मीणा ने हाउसिंग बोर्ड के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों और दलालों के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद करोड़ों रुपये मूल्य के इस भूखंड को बेहद कम कीमत में खरीदने का दिखावा करते हुए अपने पक्ष में रजिस्ट्री करा ली।
पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ के बाद अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मामले से जुड़े मूल दस्तावेज बरामद कर जब्त कर लिए। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मामले में सह-आरोपी विक्रम सिंह सहित राजस्थान आवासन मंडल के संलिप्त कर्मचारियों और दलालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी और निजी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


















